हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मैमोरियल विधि महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के मौके पर विधिक सेवा क्लीनिक के श्लोगन जीवन को हां कहें, नशे को नां के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत युवाओं को सही निर्णय लेने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. सीताराम ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के सूत्र ‘उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का उक्त सूत्र केवल एक वाक्य ही नहीं बल्कि सफलता का वह मंत्र है, जो हारते हुए मानव में नई ऊर्जा भर देता है। उनका मानना था कि खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है। युवाओं को खुद पर भरोसा रख कर चुनौतियों का सामना करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा कि ‘एक समय में एक काम करो ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब भूल जाओ। विधिक सहायता क्लीनिक प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर सब मिलकर संकल्प लें कि हम सब अपनी क्षमताओं पर विश्वास करेंगे, हम सब अपने लिए नहीं बल्कि समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए भी जीएंगे। हम समस्याओं से भागेंगे नहीं बल्कि निडर होकर उसका सामना करेंगे। अंत में प्राचार्य डॉ. सीताराम ने छात्र-छात्राओं को जीवन को जीने एवं नशा न करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर सह आचार्य डॉ. केबी ओझा, सहायक आचार्य डॉ. मोहम्मद इमरान सहित शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टॉफ तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
