हनुमानगढ़। पुन: नौकरी की मांग को लेकर उपवन संरक्षक कार्यालय के बाहर कड़ाके की ठंड में भूख हड़ताल पर बैठे वनकर्मी मनवीर सिंह का आंदोलन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। वनकर्मी के समर्थन में परिवार के सदस्य व भीम आर्मी के कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे। शुक्रवार को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी, जिला मंत्री रामनिवास व सांख्यिकी एवं अधिनस्थ विभाग के जिलाध्यक्ष विनोद बागड़ी ने धरनास्थल पर पहुंचकर वनकर्मी की मांग को समर्थन दिया। मनवीर सिंह के अनुसार वह पिछले 32 वर्षांे से सेवा में पुन: बहाली और बकाया वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।

विभागीय स्तर से लेकर न्यायालय तक अनेक बार गुहार लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले, जबकि न्याय आज तक नहीं मिला। इसी पीड़ा और उपेक्षा के चलते आमरण अनशन जैसा कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी ने कहा कि कड़ाके की सर्दी में मनवीर सिंह भूख हड़ताल कर रहे हैं। मनवीर सिंह की मांगें जायज हैं लेकिन शासन-प्रशासन की ओर इनकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मनवीर सिंह की मांगों का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।

उधर, उपवन सरंक्षक के अनुसार मनवीर सिंह ने लेबर के रूप में विभाग में काम किया था। उसका कोर्ट में केस चला। उच्च न्यायालय जोधपुर ने 2014 में यह निर्णय कर दिया था कि मनवीर सिंह नौकरी का हकदार नहीं है। उसे दो लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। न्यायालय के निर्णय की पालना में विभाग की ओर से 2015 में मनवीर सिंह को दो लाख रुपए की मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है।

उपवन संरक्षक कार्यालय से कोई भी कार्रवाई अपेक्षित नहीं है। अब दस साल बाद मनवीर सिंह की ओर से नौकरी की मांग की जा रही है जो नाजायज और गलत है। मनवीर सिंह को वार्ता के लिए बुलाया गया है। मनवीर सिंह की ओर से कहा जा रहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लाकर दे देंगे, उसके बाद नौकरी दे देना। अगर मनवीर सिंह सुप्रीम कोर्ट का इस तरह के निर्णय का कोई आदेश लाकर देते हैं तो न्यायालय के निर्णय की पालना की जाएगी। इस मौके पर बृजलाल, पूर्व सरपंच दौलतराम मेव, गोविन्दराम बारूपाल, विनोद मेघवाल, नक्षत्र सिंह, दलीप गोदारा मौजूद रहे।
