हनुमानगढ़। भारतीय किसान संघ ने हनुमानगढ़ में जयपुर मेगा हाइवे के समीप स्थित चक 14 एसएसडब्ल्यू, नगर परिषद क्षेत्र में प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र (रीको) कोहला के लिए की जा रही कृषि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में यूनियन पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। यूनियन अध्यक्ष रेशम सिंह माणुका के अनुसार प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए 109.86 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उक्त भूमि का बाजार भाव 80 लाख से एक करोड़ रुपए प्रति बीघा तक है, जबकि अधिग्रहण मात्र 2 लाख 61 हजार रुपए प्रति बीघा की दर से किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2009 में शुरू हुई थी, जो अब तक विवादित बनी हुई है। संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि यह भूमि हनुमानगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में स्थित है तथा इसके तीन ओर हनुमानगढ़ शहर, कोहला गांव और गुरुसर गांव की आबादी बसी हुई है। वहीं दक्षिण दिशा में लगभग 750 मीटर की दूरी पर 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रक्षित वन क्षेत्र स्थित है। किसानों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से प्रदूषण का दुष्प्रभाव आबादी क्षेत्र, पर्यावरण और वन्यजीवों पर पड़ेगा। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित क्षेत्र के मध्य से न्यू फतेहगढ़ माइनर नहर गुजरती है। औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले रसायनयुक्त अपशिष्ट से नहर का पानी प्रदूषित होने की आशंका है, जिससे फसलों और पेयजल पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। भारतीय किसान यूनियन ने उच्च न्यायालय जोधपुर की पीआईएल का हवाला देते हुए मांग की कि औद्योगिक क्षेत्र शहर की आबादी से दूर स्थापित किया जाना चाहिए। यूनियन ने जिला कलक्टर से प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र को निरस्त करने और किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।
