हनुमानगढ़। आस्था, श्रद्धा और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े मां भद्रकाली मंदिर तक पहुंचने वाला प्रमुख मार्ग लम्बे समय से बदहाली का शिकार है। टाउन से भद्रकाली मंदिर तक जाने वाली सड़क पिछले करीब दो वर्षां से अधूरी पड़ी है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं बल्कि आसपास के गांवों के ग्रामीणों और किसानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार मांग, ज्ञापन और आंदोलनों के बावजूद सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्राम पंचायत अमरपुरा थेड़ी के प्रशासक रोहित स्वामी ने बताया कि सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया। लगातार आंदोलन और ज्ञापनों के बाद करीब दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी की ओर से 3 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से इस सड़क के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि वर्षां पुरानी समस्या का समाधान होगा, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्वामी के अनुसार, निर्माण कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। करीब तीस फीट चौड़ाई में निर्मित हो रही इस सड़क का निर्माण कुछ दूरी तक कर काम बीच में रोक दिया जाता है। इसके बाद महीनों तक कोई गतिविधि नजर नहीं आती। बीते दो वर्षां में करीब दस बार निर्माण कार्य शुरू होकर बंद हो चुका है, जिससे सड़क का भविष्य अधर में लटका हुआ है। वर्तमान में सड़क की हालत बेहद खराब है।

जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। सड़क पर बिछाए गए पत्थर वाहनों के टायरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उछलते हुए पत्थर दूसरे वाहनों के शीशों से टकरा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। इस मार्ग से होकर गुजरने वाले करीब दर्जन भर गांवों के लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। खेतों में जाने वाले किसान भी खासे परेशान हैं। निर्माण स्थल पर न तो लाइटिंग की कोई व्यवस्था है और न ही सूचना पट्ट लगाए गए हैं। रोहित स्वामी ने कहा कि सरकार एक ओर आस्था और धर्म की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अमरपुरा थेड़ी के पास स्थित प्राचीन, पवित्र और ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर तक जाने वाली सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा। हर वर्ष मंदिर में लगने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

आगामी नवरात्रों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे, लेकिन सड़क की बदहाली उनकी आस्था पर भारी पड़ रही है। पिछले दो वर्षांे में दो मेले इसी बदहाल सड़क के बीच निकल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण निर्माण कार्य बार-बार रुक रहा है। ठेकेदार अधिकारियों पर काम न करने देने का आरोप लगाता है, जबकि अधिकारी ठेकेदार को दोषी ठहराते हैं।

इससे सड़क निर्माण में गड़बड़ी की आशंका और गहरा रही है। स्वामी ने पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि मां भद्रकाली मंदिर मार्ग के निर्माण में राजनीति की जा रही है और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तुरंत शुरू कर शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण हाइवे जाम सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे।
