हनुमानगढ़। सामाजिक समरसता न्याय मंच की ओर से मूल ओबीसी जागृति मिशन के तहत भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, नारी शिक्षा की मशाल जलाने वाली सावित्री बाई फुले की जयंती के मौके पर शनिवार को रक्तदान शिविर एवं मातृशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जंक्शन में कचहरी रोड स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने विधिवत रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की।

मंच अध्यक्ष रामप्रताप की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में अतिथियों के रूप में टिब्बी एसडीएम सत्यनारायण सुथार, एएसआई सोहनलाल सांखला ने शिरकत की। तत्पश्चात आयोजित रक्तदान शिविर में राजकीय जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की टीम ने राजेन्द्र स्वामी के नेतृत्व में रक्त संग्रहण का कार्य किया। शिविर में कड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र में पहचान बनाने वाली नारी शक्ति को सम्मानित किया गया।

इनमें जनप्रतिनिधि, पंच, सरपंच, वार्ड पार्षद, सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा यूपीएससी, नीट, आईआईटी, सरकारी विभाग में चयनित बेटियां, सत्र 2024-25 से जनवरी 2026 तक राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिता में चयनित महिला खिलाड़ी शामिल रहीं। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले ने भारत में महिलाओं की शिक्षा के लिए दरवाजे खोले और समाज के वंचित, दलित, पीड़ित और शोषितों के अधिकारों के लिए पुरजोर लड़ाई लड़ी। उन्होंने सामाजिक न्याय में अभूतपूर्व योगदान दिया।

सावित्री बाई फुले न सिर्फ पहली महिला शिक्षिका थी, बल्कि महान समाजसेविका और नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता भी थीं। उनका पूरा जीवन समाज के वंचित तबके खासकर महिलाओं और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष में बीता। उनका नाम आते ही सबसे पहले शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान हमारे सामने आता है। मानवता को समर्पित उनका जीवन आज भी हम सभी को प्रेरित कर रहा है। आज का दिन उनके संघर्ष और महान कार्यांे को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देने का दिन है। वक्ताओं ने कहा कि आज महिला शिक्षा, सशक्तिकरण व कल्याण के प्रति संकल्प लेने का दिन है। महिलाओं के विकास से ही समाज और देश का विकास होगा। कोई देश आधी आबादी को पीछे छोड़कर कभी आगे नहीं बढ़ सकता। देश के कई गांव-कस्बों में आज भी महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है।

अगर हमें सावित्री बाई फुले के सपनों को साकार करना है तो महिला सशक्तिकरण की ओर हमेशा प्रयासरत रहना होगा। इस मौके पर राजेश छिम्पा, कृष्णलाल गहलोत, दुर्गादत्त सैनी, विजय जाखड़, सिकन्दर सिंह, बलदेव सिंह, राधेश्याम टाक, बंतासिंह, राजेश सैन, सोहनलाल वर्मा, नरेन्द्र राव, सेवक सिंह आदि मौजूद रहे।
