हनुमानगढ़। जिले में श्रम विभाग को चालू वित्तीय वर्ष के लिए 15 करोड़ रुपए लेबर सेस वसूलने का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक विभाग केवल सात करोड़ रुपए ही वसूल कर पाया है। यह लक्ष्य का पचास प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में मार्च माह तक शेष आठ करोड़ रुपए की वसूली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। लेबर सेस जमा नहीं करवाने वालों के खिलाफ विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। विभाग की ओर से प्रतिमाह 70 से 80 नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बावजूद इसके भुगतान नहीं करने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग के पास करीब 3500 ऐसे प्रकरण लंबित हैं, जिनमें पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन मामलों में मुख्यालय से एकतरफा कार्रवाई के आदेश भी प्राप्त हो चुके हैं और इनका निस्तारण मार्च तक किया जाना है। जिला श्रम कल्याण अधिकारी देवेन्द्र मोदी ने बताया कि विभाग के पास वर्तमान में करीब 3500 प्रकरण पहले से लंबित हैं, जिनमें पूर्व में ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन मामलों में एकतरफा कार्रवाई के आदेश मुख्यालय से प्राप्त हो चुके हैं और इन सभी फाइलों का निस्तारण भी मार्च माह तक किया जाना है। जिला श्रम कल्याण अधिकारी देवेन्द्र मोदी ने बताया कि जुलाई 2009 के बाद हुए सभी निर्माण कार्यांे पर लेबर सेस देय है। समय पर सेस जमा नहीं करने पर सालाना 24 प्रतिशत ब्याज लगाया जाता है। वहीं, उपकर निर्धारण के बाद भुगतान नहीं करने पर 100 प्रतिशत तक की पेनल्टी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि लेबर सेस जमा नहीं होने की स्थिति में विभागीय आदेश के बाद मामला लेबर कमिश्नर कार्यालय, जयपुर में अपील के लिए जाता है, जिससे संबंधित पक्ष को अतिरिक्त खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक बार एकतरफा कार्रवाई होने के बाद प्रकरण का निस्तारण कठिन हो जाता है। मोदी ने स्पष्ट किया कि जुलाई 2009 के बाद किए गए रिहायशी निर्माण में 750 वर्गफुट से कम क्षेत्रफल वाले निर्माण कार्य को लेबर सेस से छूट है, जबकि इससे अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण कार्य सेस के दायरे में आते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में रेरा में पंजीकृत इकाइयों में से 58 के खिलाफ पिछले माह एकतरफा कार्रवाई की गई है, जिन पर करीब 93 लाख रुपए के एसेसमेंट ऑर्डर जारी किए गए हैं। यदि संबंधित रेरा इकाइयों की ओर से लेबर सेस जमा नहीं करवाया गया तो 200 प्रतिशत तक पेनल्टी का प्रावधान है, जिससे यह राशि बढ़कर करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए हो जाएगी। उन्होंने विभाग ने पेनल्टी से बचने के लिए संबंधित निर्माणकर्ताओं से शीघ्र लेबर सेस जमा करवाने की अपील की है।
इन्हें जारी हुआ नोटिस
विभाग की ओर से रेरा में पंजीकृत जिन इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं उनमें मां करणी नगर-4, एचआई ग्रीनज, प्लेटिनम रेजिडेंसी, मॉडल टाउन एन्क्लेव एक्सटेंशन-1, श्री रामकृष्ण एन्क्लेव, मॉडल टाउन एन्क्लेव, सावित्री ग्रीन्स, वृंदावन विहार-2, प्रभ मेडी सिटी, प्रभ मेडी सिटी-2, प्रभ मेडी सिटी-3, सिल्वर पाम-4, श्री मंगलम सिटी, एसएल हाइट्स, वृंदावन विहार, जन्नत प्रथम, रॉयल विला, इंद्रलोक रेजिडेंसी एक्सटेंशन, गणपति एस्टेट-5, इंद्रलोक रेजिडेंसी, श्री गणेश विहार, मॉडल टाउन एन्क्लेव एक्सटेंशन-2, गणपति एस्टेट एम्पोरियो, जेएमजी पैराडाइज, श्री आनंद सिटी-2, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स-2, गोयल एस्टेट-2, सूर्य एन्क्लेव, क्राउन सिटी-5, क्राउन सिटी-6, गणपति एस्टेट व्यावसायिक कॉलोनी, एमआर रेजिडेंसी-1, रॉयल सिटी-2, मानसरोवर, पिंटूज ग्रीन सिटी-3, रॉयल सिटी, सिल्वर पाम-2, परिवार रेजिडेंसी, गणेश प्लाजा, सिल्वर पाम-3, गंगा वैली, एमआर रेजिडेंसी, एसएल गोदारा मार्केट, मरुधरा प्राइवेट सब मार्केट यार्ड फेज-1, आनंद विहार-2, एमएल लक्जरी सिटी, मां करणी नगर-2, एसएल गोदारा मार्केट-2, ग्रीन विला, श्री आहूजा स्क्वेयर, श्री करणी नगर, माणिक्य एन्क्लेव, जन्नत प्रथम, गणपति एस्टेट फेज-4, मां करणी नगर-3, मां करणी नगर-1, श्री आनंद सिटी-1, क्राउन सिटी-7, पिंटूज क्रिस्टल पाम, बीएनके, अंबिका सिटी, न्यू अंबिका सिटी एक्सटेंशन, मदान एन्क्लेव, न्यू अंबिका सिटी, आनंद वाटिका-1, सिटी सेंटर मार्केट-2 व माणिक्य एन्क्लेव-1 शामिल है। इन इकाइयों को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया है। उसके बावजूद भी इन इकाइयों की ओर से अभी तक सेस जमा नहीं कराया गया। 24 जनवरी तक सेस जमा नहीं कराने पर डबल पेनल्टी लगाने की कार्रवाई विभाग की ओर से की जाएगी।
