हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय के विधि सहायता सेवा क्लिनिक की ओर से शुक्रवार को वसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सीताराम की ओर से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया गया। प्राचार्य डॉ. सीताराम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय पंचांग में छह ऋतुएं मानी गई हैं, जिनमें वसंत को ऋतुओं का राजा कहा गया है।

वसंत पंचमी प्रकृति में नवचेतना, फूलों की बहार और नई फसल के आगमन का प्रतीक है। इस ऋतु में खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगती है और आम के पेड़ों पर बौर आने से वातावरण आनंदमय हो जाता है। विधिक सेवा केन्द्र के प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है और हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। यह पर्व ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना का दिन है, जो मानव जीवन से अज्ञानता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय स्टाफ ने मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस मौके पर नई पुस्तकों, कॉपियों, पेन एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री को मां के चरणों में अर्पित किया गया। अंत में सभी ने वसंत पंचमी पर्व को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हुए ज्ञानार्जन के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
