हनुमानगढ़। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नागरिक सुरक्षा मंच एवं शहीद स्मारक के संयुक्त तत्वावधान में शहर में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। प्रभात फेरी का नेतृत्व एडवोकेट शंकर सोनी ने किया। प्रभात फेरी सुबह सात बजे टाउन स्थित सुभाष चौक से प्रारंभ हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गांे से गुजरते हुए देशभक्ति नारों और गीतों के साथ भद्रकाली मार्ग स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने प्रभात फेरी का स्वागत किया और नेताजी अमर रहें जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

इससे पहले सुभाष चौक पर आयोजित संक्षिप्त सभा को संबोधित करते हुए एडवोकेट शंकर सोनी ने कहा कि भारत की आजादी में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और आजाद हिन्द फौज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नेताजी और उनकी सेना का बलिदान न होता तो देश को आजादी इतनी जल्दी और सशक्त रूप में नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को नेताजी के साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। नेताजी ऐसे महान नेता थे जिन पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों का समान विश्वास था। वे सच्चे अर्थांे में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे।

एडवोकेट सोनी ने नेताजी के रहस्यमय ढंग से लापता होने का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि इससे जुड़े सभी ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, यह प्रश्न आज भी देशवासियों के मन में है। इतिहास के पन्नों में छिपे इन तथ्यों को उजागर करने का यह उचित समय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस विषय में जागरूक बनें और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार पर दबाव बनाएं, ताकि देश को अपने महान नेता के जीवन से जुड़े सभी सत्य तथ्यों की जानकारी मिल सके।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एवं आजाद हिन्द फौज के शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
