हनुमानगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के बी.टेक प्रथम वर्ष के युवा वैज्ञानिक विद्यार्थियों साहिल आर्य, ग्रवित, रविन्द्र एवं एमसीए के रमनदीप द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भट्ट एवं विक्रम मंगवाना के नेतृत्व में कुल आठ नवाचार डिवाइस तैयार किए गए हैं। इन नवाचारों के एक साथ प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया है। मिनी ह्यूमन रोबोट सहित एआई तकनीक वाले आठ इलेक्ट्रोनिक स्मार्ट डिवाइस भी बनाए गए हैं जिनके उपयोग से आमजन के रोजमर्रा के कार्य आसान होंगे। इन सभी नवाचारों का आगामी 21 से 23 फ़रवरी तक लगने वाले कृषि मेले में प्रदर्शन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि साहिल आर्य ने राष्ट्रीय विज्ञान मेला जो भोपाल में आयोजित हुआ था, उसमें प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए। मिनी ह्यूमन रोबोट के अलावा स्टेबिलिटी कार, स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम, स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम, स्मार्ट डस्टबीन,स्मार्ट इंटरलॉकिंग सिस्टम, वेलकम डिवाइस और स्मार्ट गैस डिटेक्शन सिस्टम आदि डिवाइस युवा वैज्ञानिकों ने तैयार किए हैं I युवा वैज्ञानिकों द्वार बनाया गया। ह्यूमन मिनी रोबोट मानव की गतिविधियों की नकल कर सकता है। सेंसर और माइक्रो कंट्रोलर की सहायता से यह हाथ हिलाना, वस्तु उठाना, अभिवादन करना, डांस करना तथा वॉयस कमांड के आधार पर कार्य करने में सक्षम है। इन गतिविधियों के साथ-साथ यह कार्य करते हुए अभिनन्दन जैसे बहुत सारे शब्दों को बोल भी सकता है। इसे शिक्षा, रिसर्च एवं सुरक्षा कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। मिनी रोबोट के अलावा अन्य अविष्कार किए हुए डिवाइस में एक स्टेबिलिटी कार है I यह एक स्मार्ट वाहन मॉडल है जो ऑटो बैलेंसिंग तकनीक पर आधारित है। इसमें लगे जायरोस्कोप और सेंसर वाहन को असंतुलित होने से बचाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है। इसके उपयोग से आमजन सुरक्षित परिवहन कर सकते हैं। इसी तरह स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम बनाया गया है। किसानों के लिए खेती में बहुत ही महतवपूर्ण भूमिका निभाएगा। जहाँ एक तरफ इसके उपयोग से फसल को नुकसान नहीं होगा वहीं दूसरी तरफ किसानों की आर्थिक बचत होगी। यह आधुनिक सिस्टम प्रणाली सेंसर के माध्यम से खेत की मिटटी की नमी को मापती है और आवश्यकताअनुसार स्वतः पानी की आपूर्ति करती है। इससे पानी की बचत होती है तथा फसल उत्पादन में वृद्धि होती है साथ ही फसल को सूखने और ख़राब होने से बचाती है I युवा वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम भी बहुत कारगर साबित होगा I इससे विद्युत का प्रयोग कम होगा जिसके कारण बिजली बिल में भी कटोती होगी I इससे घर और कार्यालयों में लगे विद्युत उपकरणों को आप कही भी दूर बैठे हुए, ट्रेवलिंग करते हुए अपने मोबाइल द्वारा सेंसर आधारित तकनीक से नियंत्रित कर सकते है। इससे ऊर्जा की बचत और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होगी। युवा छात्रों ने एक स्मार्ट डस्टबीन भी तैयार किया है। इसमें अल्ट्रासोनिक सेंसर लगे हुए हैं, जो व्यक्ति के पास आते ही स्वतः डस्टबीन का ढक्कन खोल देते हैं और आप बिना झुके आसानी से कचरा उसमे डाल सकते हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजन के लिए यह बहुत ही कारगर साबित होगा। यह स्वच्छता अभियान में भी अपने महतवपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्मार्ट इंटरलॉकिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है। जिससे घर और कार्यालय सुरक्षित रहेंगे और चोरी की घटनाओं को रोक सकते हैं। यह सुरक्षा आधारित लॉकिंग सिस्टम है, जो पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या आरएफआईडी कार्ड के माध्यम से कार्य करता
है। अनधिकृत प्रवेश को रोकने में यह प्रभावी है। वेलकम डिवाइस सिस्टम भी डिवाइस सेंसर आधारित है, जो किसी व्यक्ति के प्रवेश करते ही ऑडियो मैसेज या डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से स्वागत संदेश देता है। जैसे कि “बॉस कार्यलय में आ गए हैं”। मात्र एक कमांड से ही पुरे कार्यलय कर्मियों को एक साथ सूचना आदेश मिल जाता है। जिसके कारण कार्य में सुगमता आ जाती है और वे त्वरित गति से हो जाते हैं। घरों की सुरक्षा के लिए बनाया गया स्मार्ट गैस डिटेक्शन सिस्टम तो जैसे आज के प्रमुख आवश्यकता बन गई है। इससे घरों में आगजनी की घटना पर लगाम लगा सकते हैं। यह गृहणियों की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरुरी डिवाइस है। रसोई में यह सिस्टम गैस लीकेज की स्थिति में तुरंत अलार्म बजा देता है तथा तुरंत मोबाइल पर आपको सूचना प्रेषित कर देता है और आप के द्वारा समय रहते दुर्घटना को रोका जा सकता है। यह सिस्टम फैक्ट्रियों और बड़े कल कारखानों, पेंट्रोल पम्प, सिनेमा घर, विवाह स्थल, पैलेस आदि के लिए बहुत कारगर साबित होगा। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये नवाचार न केवल तकनीकी कौशल का प्रमाण हैं, बल्कि समाजोपयोगी तकनीकों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप की दिशा में प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने सभी युवा वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए उत्साहवर्धन किया। जुनेजा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा वैज्ञानिक भविष्य में और नए नावाचार कर अपने क्षेत्र, समाज और विश्वविद्यालय का नाम रौशन करेंगे।
