हनुमानगढ़। वर्तमान में मौसम का मिजाज लगातार लोगों को असमंजस में डाल रहा है। कभी सुबह घनी धुंध छा जाती है, कुछ देर बाद तेज धूप निकल आती है तो कभी अचानक आसमान में बादल डेरा डाल लेते हैं। इस बदलते मौसम के कारण यह तय कर पाना मुश्किल हो गया है कि ठंड पड़ेगी या गर्मी का अहसास होगा। मौसम की इसी आंख-मिचौली का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है और सर्दी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

मौसम में अचानक हो रहे बदलावों के चलते इन दिनों अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग इस सर्दी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। वहीं कार्यस्थलों पर अधिक समय तक खुले वातावरण में रहने के कारण युवा वर्ग भी बीमार पड़ रहा है। सर्दी से पीड़ित कई मरीजों को खांसी के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायत भी देखने को मिल रही है।

चिकित्सक डॉ. सुखवीर सिंह गेट के अनुसार बदलते मौसम में सर्दी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति हर परिस्थिति में पूरी तरह बचाव नहीं कर सकता, लेकिन फिर भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। शरीर को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढककर रखें और विशेषकर सुबह व शाम की ठंड से अधिक बचाव करें। समय-समय पर गर्म पानी का सेवन करते रहें। डॉ. गेट ने बताया कि जुकाम या गले में खराश की शिकायत होने पर भाप लेना लाभकारी होता है। यदि समस्या अधिक बढ़ जाए तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराना चाहिए, ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में फैल रही खांसी पहले की तुलना में अधिक समय तक परेशान कर रही है। पहले वायरल संक्रमण सात दिनों में ठीक हो जाया करता था, लेकिन अब खांसी 15 दिन से लेकर एक माह तक बनी रह रही है। गला खराब होने पर शहद और अदरक का सेवन करें, ठंडे पदार्थां से परहेज रखें और पर्याप्त आराम करें। मौसम के इस उतार-चढ़ाव में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
