हनुमानगढ़। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओमकार सिंह लखावत ने केन्द्रीय बजट को सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और भविष्य निर्माण वाला बताते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गां का ध्यान रखा गया है। सोमवार को एकदिवसीय दौरे पर हनुमानगढ़ आए लखावत ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट में देश की आधी आबादी मातृशक्ति पर विशेष फोकस किया गया है। केन्द्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि जब तक महिलाओं का समुचित विकास नहीं होगा, तब तक देश प्रगति नहीं कर सकता। बजट में युवाओं, तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के माध्यम से भारत ने दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है और आने वाले दो-तीन वर्षांे में भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा। लखावत ने कहा कि इस बजट से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह बजट सम्पूर्ण भारत को आत्मनिर्भर और सामर्थ्यवान बनाने वाला है। बजट की कई घोषणाओं के दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। इसमें छोटे उद्योग-धंधों और तकनीकी क्षेत्र के विकास के लिए भी ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक समय था जब देश को अनाज के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज विश्व में भारत की साख मजबूत हुई है। यह बदलाव सामान्य नहीं, बल्कि मजबूत नेतृत्व और नीतियों का परिणाम है। गोगामेड़ी पेनोरमा की जर्जर स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर लखावत ने कहा कि वे दौरे के दौरान पेनोरमा का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे। इसकी दशा सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। वहीं, पंजाब-हरियाणा की तुलना में राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के अधिक दामों को लेकर उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने कीमतों में कमी की है, फिर भी यह विषय राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, विधायक गणेश राज बंसल, भाजपा नेता अमित सहू, पूर्व विधायक धर्मंेद्र मोची, पूर्व सभापति राजकुमार हिसारिया, भारतभूषण शर्मा, प्रदीप ऐरी, मण्डल अध्यक्ष नितिन बंसल, प्रकाश तंवर, मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल, अपारजोत बराड़, दलीप बेनीवाल भी मौजूद रहे।
