हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित सरस्वती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से सिविल डिफेंस के लिए आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आगजनी एवं आपात स्थिति में त्वरित रेस्पॉन्स, बचाव एवं राहत कार्यां की प्रभावशीलता का परीक्षण करना रहा।


मॉक ड्रिल के तहत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्यामसुंदर शर्मा की ओर से दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर कॉलेज परिसर में आग लगने तथा एक छात्रा के झुलसने की सूचना दूरभाष के माध्यम से कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही महज चार मिनट में, दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर सिविल डिफेंस के जवानों की टीम मौके पर पहुंच गई। इससे पहले अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीना भी महाविद्यालय पहुंच चुके थे।



सिविल डिफेंस के जवानों ने कॉलेज मैदान में लगी आग पर फायर फाइटिंग सिस्टम के माध्यम से त्वरित नियंत्रण पाया। इसके पश्चात प्रथम मंजिल पर आग लगने की स्थिति का अभ्यास किया गया, जहां जवानों ने सीढ़ी के जरिए ऊपर पहुंचकर फंसे व्यक्ति को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा उसे सीपीआर देकर उसकी जान बचाने का सफल प्रदर्शन किया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूर्ण होने के बाद सिविल डिफेंस की ओर से अनाउंसमेंट कर स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी गई।

इस दौरान मौके पर मौजूद एडीएम उम्मेदीलाल मीना ने सिविल डिफेंस टीम के रेस्पॉन्स टाइम, आग पर काबू पाने की प्रक्रिया एवं बचाव कार्यां का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मॉक ड्रिल के उपरांत सिविल डिफेंस के जवानों ने कॉलेज छात्राओं को आगजनी की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा आग बुझाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी देकर प्रशिक्षण भी दिया।

एडीएम मीना ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा।
