हनुमानगढ़। भारतीय किसान संघ ने राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावी और सख्त ट्री एक्ट लागू करने की मांग की है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही संघ ने रबी फसल 2025-26 की गिरदावरी एवं किसानों से जुड़ी अन्य ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक अलग ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूडा ने बताया कि प्रदेश में बीते कई वर्षांे से खेजड़ी के पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और ग्रामीण आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में लगातार आंदोलन चल रहे हैं।

18 जुलाई 2024 से खेजड़ला, कोलायत और बीकानेर कलक्ट्रेट के समक्ष बेमियादी धरना जारी है। इसके अलावा कई जिलों में पड़ाव, जुलूस, भूख हड़ताल और बंद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। बढ़ते जनआक्रोश के बीच आगामी 2 फरवरी को बीकानेर में महापड़ाव प्रस्तावित है। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने संतों के सानिध्य में हुई बैठकों में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने और कठोर कानून बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नया कानून बनाया गया और न ही कटाई पर प्रभावी रोक लगाई गई। हाल ही में की गई कार्रवाई को उन्होंने केवल औपचारिक बताते हुए कहा कि नाममात्र का जुर्माना लगाकर मामले को समाप्त कर दिया गया, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों और दिशा-निर्देशों की भी समुचित पालना नहीं की जा रही है। संघ प्रतिनिधियों ने मांग की कि वर्ष 1956 में निर्धारित 100 रुपए जुर्माने और सजा के प्रावधान को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करते हुए खेजड़ी की कटाई पर कम से कम 2 से 3 लाख रुपये जुर्माना और तीन वर्ष की सजा का प्रावधान किया जाए, ताकि इस बहुमूल्य वृक्ष का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर प्रताप सिंह सूडा ने रबी फसल 2025-26 की गिरदावरी को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गिरदावरी व्यवस्था लागू होने के बाद से गिरदावरी कार्य में लगातार देरी हो रही है और अभी तक चालू सत्र की गिरदावरी शुरू नहीं की गई है। मार्च माह में सरसों की सरकारी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है, जिसके लिए गिरदावरी आवश्यक है। देरी की स्थिति में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भारतीय किसान संघ ने मांग की कि गिरदावरी कार्य को पहले की तरह ऑफलाइन किया जाए। साथ ही सरसों और चना की सरकारी खरीद के रजिस्ट्रेशन के दौरान फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद ही पंजीकरण करें।
