हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत पक्कासहारणा में पिछले छह वर्षां से ग्राम सभा का कोरम पूरा किए बिना षड्यंत्रपूर्वक फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली बताकर उपयोग किए जाने का आरोप सामने आया है। इस संबंध में पंचायत के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को शिकायत सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप ग्राम पंचायत की प्रशासक, उनके पति तथा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारियों पर लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत पक्कासहारणा निवासी मनदीप सिंह ने बताया कि बीते छह वर्षां में पंचायत में एक भी ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं हुआ। इसके बावजूद ग्राम सभा की कार्यवाही दर्शाते हुए दस्तावेज तैयार किए गए, जो 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज अधिनियम 1995 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। मनदीप सिंह ने जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच एडीएम अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी से निर्धारित समय सीमा में करवाई जाए, ताकि संविधान का अतिक्रमण करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच के दौरान ग्राम सभा रजिस्टर में दर्ज उपस्थित लोगों व हस्ताक्षरों को कोरम का वैध आधार माना जाए। साथ ही जिन तिथियों में ग्राम सभा दर्शाई गई है, उन दिनों की सीसीटीवी फुटेज से ग्रामीणों की वास्तविक उपस्थिति का आंकलन किया जाए। इसके अलावा ग्राम सभा रजिस्टर का पंचायत कार्यवाही रजिस्टर से मिलान किया जाए तथा पिछले छह वर्षां में हुए समस्त विकास कार्यां की आॅडिटिंग कर उसकी रिपोर्ट ग्रामवासियों के समक्ष प्रस्तुत की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शी व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उधर, ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि त्रिलोक सहारण के अनुसार ग्राम सभा का आयोजन करने से पहले अनाउंसमेंट करवाया गया था। शिकायतकर्ता बेवजह परेशान कर रहे हैं। वे पंचायत में कोई कार्य नहीं करने देते। इन्होंने अटल सेवा केन्द्र पर कब्जा किया हुआ है।
