
हनुमानगढ़। तीन दिन बाद शनिवार को धूप निकलने से जनजीवन सामान्य हुआ और दिनचर्या पटरी पर लौट आई। सुबह कोहरे का असर भी नजर नहीं आया। सुबह जल्दी धूप निकलने से बाजार भी जल्दी खुल गए और पिछले तीन-चार दिनों से बाजार में आई मंदी के बाद शनिवार को पूरा दिन काफी चहल-पहल नजर आई। अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि पहाड़ों पर बर्फबारी के असर से ठिठुरन बनी रही। शाम होते-होते फिर कड़ाके की ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। लोगों ने शाम को जल्दी ही खुद को घरों में कैद कर लिया। इससे पहले जिले में नए साल के लगातार दूसरे दिन शुक्रवार तक शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही और दिनभर धूप नहीं निकल पाई। इससे ठंड का असर और बढ़ गया। ऊपरी स्तर पर धुंध के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। ठंड, कोहरे और शीतलहर से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। दो दिन पहले हुई मावठ रूपी हल्की बूंदाबांदी से फसलों को भी फायदा होने की बात कृषि विशेषज्ञ व किसान कह रहे हैं। वर्तमान में खेतों में पीला सोना कही जाने वाली सरसों की फसल लहलहा रही है। इसके चमकीले पीले फूल पूरे खेत को सोने जैसा रंग दे रहे हैं। यह किसानों को अच्छा मुनाफा (आर्थिक लाभ) देती है, खासकर रबी सीजन (सर्दियों) में यह एक नकदी फसल है जो आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार शनिवार को राज्य में कहीं-कहीं घना कोहरा दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर, सीकर में 2.8 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा आगामी 2-3 दिन राज्य के कुछ भागों में सुबह के समय घना कोहरा दर्ज होने की संभावना है। आगामी दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री गिरावट होने व राज्य के उत्तरी भागों में शीतलहर की संभावना है। राज्य के अधिकांश भागों में आगामी 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 2-5 डिग्री नीचे दर्ज होने व कहीं-कहीं शीतदिन की संभावना है।
