
हनुमानगढ़। नोहर-भादरा क्षेत्र को सिंचित करने वाली भाखड़ा प्रणाली की अमरसिंह ब्रांच नहर के शुरू के 30 मोघे (आउटलेट) जो अपने निर्धारित हिस्से से अवैध रूप से दोगुना, तीन गुना व चार गुणा अधिक पानी ले रहे हैं, उनको दुरुस्त करने की मांग नोहर-भादरा क्षेत्र के किसानों ने की है। इस संबंध में किसानों ने पंचायती राज प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश संयोजक व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष काशीराम गोदारा के नेतृत्व में एडीएम को ज्ञापन सौंपा। काशीराम गोदारा ने बताया कि अवैध रूप से अधिक पानी ले रहे मोघों के दुरुस्तीकरण के लिए इस साल 27 सितम्बर को टेंडर हुए। 14 नवम्बर को वर्क ऑर्डर जारी हुए। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने दुरुस्तीकरण कार्य के लिए टीम भी गठित कर दी। अधीक्षण अभियंता नोहर ने पुलिस जाप्ता मांग लिया। भादरा तहसीलदार को मौका मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया और 20 दिसम्बर को सिंचाई विभाग की गठित टीम, ठेकेदार व पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच गया लेकिन मौका मजिस्ट्रेट नियुक्त भादरा तहसीलदार ने काम को टालने का प्रयास किया।

भादरा सिंचाई विभाग के एक्सईएन का रवैया भी नकारात्मक रहा। इस कारण नहर साइड पर पहुंचने में काफी देरी हुई। नहर साइड पर अवैध पानी ले रहे किसानों का बड़ा हुजूम इकट्ठा हो गया व हुड़दंग करने लगे तो सारा सरकारी अमला वापस आ गया और कार्य शुरू नहीं हो पाया। उसके बाद सिंचाई व प्रशासन की ओर से काम को शुरू करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही। गोदारा ने कहा कि यदि इस प्रकार से हुड़दंग करने से नियमानुसार दुरुस्तीकरण काम करने व कानून व्यवस्था बनाने में बाधा उत्पन्न होगी तो गलत काम करने वाले सभी लोगों के हौसले बढ़ेंगे और नहरों की पानी की बड़ी समस्या बढ़ेगी। काशीराम गोदारा ने कहा कि पानी को लेकर पूर्व से ही संघर्ष चलता आया है। इस प्रकार से पानी चोरों व अवैध काम करने वालों के हौसले बढ़ेंगे और सिंचाई व्यवस्था ठप होकर रह जाएगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि इस संवेदनशील कार्य को गंभीरता से लेकर नहर पर धारा 144 लगाई जाए। पुलिस जाप्ता उपलब्ध करवा, किसी मजबूत अधिकारी को मौका मजिस्ट्रेट नियुक्त कर इस कार्य को शीघ्र शुरू करवाया जाए ताकि टेल के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
