हनुमानगढ़। राज्य वृक्ष खेजड़ी व राज्य पुष्प रोहिड़ा के लिए प्रभावी कानून (ट्री एक्ट) बनाने की मांग उठी है। इस मांग के संबंध में श्री जम्भेश्वर प्राणी हितकारी समिति व पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले पर्यावरण प्रेमियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य में अंधाधुंध वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रेमी काफी क्षुब्ध हैं। इसके खिलाफ वे लम्बे समय से आंदोलनरत भी हैं और पिछले 600 दिनों से धरना चल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्टस की वजह से लाखों हरे पेड़ विशेषकर राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई हो रही है।

जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बालोतरा, फलौदी और बीकानेर जिले में अब तक लाखों खेजड़ियां, जाल, कुमन्ठ, फोग कट चुकी है। हालांकि प्रदेश के कानून मंत्री ने तीन दिसम्बर को एक प्रेस वार्ता में बताया था कि 1955 के कानून में जुर्माना राशि 100 रुपए को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है लेकिन, यह राशि वर्तमान समय को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने मांग की कि इन पेड़ों की कटाई रोकने के लिए अलग से सशक्त कानून (ट्री एक्ट) बनाया जाए। इस कानून में पेड़ों के बचाव के सख्त प्रावधान हों और कटाई होने पर सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो। किसी भी प्रोजेक्ट के लिए अनुमति देने से पहले इन पेड़ों की गिनती कर जियो टैगिंग की जाए तथा स्थानीय निकाय जैसे ग्राम पंचायत या नगर पालिका से एनओसी का प्रावधान भी हो।

प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए एक ग्रीन बेल्ट बनाना भी अनिवार्य हो। उस कानून के क्रियान्वयन के लिए वन या पुलिस विभाग को जिम्मेदारी सौंपने के साथ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं ताकि प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कानून नहीं बनाया गया तो दो फरवरी को पर्यावरण प्रेमी बीकानेर मुख्यालय पर बेमियादी महापड़ाव पर बैठेंगे। इस मौके पर मनोज कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, पवन डेलू, काशीराम, अंकुश, संदीप, रामनिवास, पुनीत, सुल्तान, सत्यनारायण, विजय, बलवीर सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
