हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने शनिवार को हनुमानगढ़ जंक्शन अनाज मण्डी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रबी सीजन 2026-27 में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, कृषि उपज मण्डी समिति सचिव सीएल वर्मा, एडिशनल एसपी अरविन्द बिश्नोई सहित अन्य अधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे। प्रमुख शासन सचिव ने कृषि उपज मण्डी समिति कार्यालय में जिले की सभी खरीद एजेंसी एफसीआई, नैफेड, एनसीसीएफ, राजफैड, तिलम संघ, एग्रीकल्चर, मार्केटिंग बोर्ड व प्रशासनिक के अधिकारियों के साथ मीटिंग की।

मीटिंग में प्रमुख शासन सचिव ने गेहूं की एमएसपी पर आसानी से खरीद, किसानों को सरकार की मंशा के अनुरूप समय से भुगतान, मजदूर-ट्रांसपोर्टर, आढ़तिया को समय पर भुगतान के संबंध में चर्चा की। प्रमुख शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने बताया कि राजस्थान में इस साल 23 लाख टन गेहूं की खरीद होनी है। इसमें से 8 से 9 लाख टन गेहूं की खरीद हनुमानगढ़ जिले से होगी। उन्होंने बताया कि गोदाम के संबंध में एफसीआई से विस्तृत कार्ययोजना मांगी गई है।

साथ ही निर्देश दिए गए हैं लक्ष्य से दस गुना अधिक क्षमता वाले गोदाम हायर किए जाएं ताकि ज्यादा खरीद होने पर उठाव में दिक्कत न हो। रजिस्ट्रेशन के समय पोर्टल न चलने की समस्या के समाधान के लिए एनआईसी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। प्रमुख शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने कहा कि किसान जब कृषि जिन्स से भरी ट्रॉली लेकर मण्डी में पहुंचेगा तो उसे एक रसीद दी जाएगी। जबकि पूर्व में किसान को वह मैन्युअल रसीद आढ़तिया की ओर से दी जाती थी।

अब यह व्यवस्था की गई है कि रजिस्ट्रेशन वाले पोर्टल के जरिए किसान को रसीद दी जाएगी। इससे पोर्टल पर यह बात दर्ज हो जाएगी कि किसान अपना गेहूं किस दिन और कितने बजे मण्डी में लेकर पहुंचा था। तब से यह समय शुरू हो जाएगा कि किसान को कितने समय में भुगतान हुआ। इसके पीछे प्रयास है कि हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर केन्द्र सरकार की मंशा और राज्य सरकार के निर्देशानुसार किसान को गेहूं खरीद के 48 घंटे के अन्दर भुगतान हो।
