हनुमानगढ़। टिब्बी क्षेत्र के गांव राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में जारी आंदोलन की कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सात जनवरी को संगरिया में किसान महापंचायत का ऐलान किया गया है। यह महापंचायत एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने व दस दिसम्बर को टिब्बी में महापंचायत के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से दर्ज करवाए गए मुकदमों को वापस लेने की दो मुख्य मांग को लेकर हो रही है।

इस संबंध में शुक्रवार को जंक्शन स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मंगेज चौधरी, रेशम सिंह मानुका, रघुवीर वर्मा, गगनदीप सिंह, बहादुर सिंह चौहान, आत्मासिंह सहित अन्य किसान नेताओं ने दावा किया संगरिया में होने वाली महापंचायत ऐतिहासिक होगी और इसमें हजारों की संख्या में किसान जुटेंगे। मंगेज चौधरी ने कहा कि प्रशासन से की गई दोनों मांगों के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के पास लिखित में कुछ नहीं आया है। इसलिए किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

किसान नेता टोलियां बनाकर गांव-गांव में तैयारियों में डटे हुए हैं। चौधरी ने कहा कि वे उद्योग या क्षेत्र के विकास के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन वे ऐसा विकास नहीं चाहते जो लोगों की जान लेकर हो। अगर कोई उद्योगपति राजस्थान में आया है तो वह मुनाफा कमाने के लिए आया है न कि दान करने के लिए। अगर राजस्थान सरकार का या कोई ऐसा उद्योग होता जिस उद्योग के अन्दर सरकारी उपक्रम लगता, सरसों के लिए ऑयल मिल, चावल की मिल खोलते तो उसका हम स्वागत करते लेकिन टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री प्राइवेट उद्योग है और ऐसी जगह लग रहा है जहां गांव की आबादी भूमि है।

एक किलोमीटर की दूरी पर शहर है। पास ही नहर है। सबसे मीठा पानी व प्रदेश की सबसे उपजाऊ जमीन है। लेकिन उस जमीन के ग्राउंड वाटर को बर्बाद कर सरकार-प्रशासन विकास करवाना चाहता है लेकिन हम किसानों का कत्ल करवाकर ऐसा विकास किसी भी सूरत में नहीं चाहते। अगर सबसे पहले किसी के विकास की जरूरत है तो वह किसान है। अगर कोई किसान का गला घोंटकर उद्योगपति का विकास करना चाहता है तो यह कतई मंजूर नहीं। मंगेज चौधरी ने कहा कि अगर प्रशासन बैठकर बात करने को कहेगा तो किसान नेता बात करने को तैयार हैं। वे हिंसा में विश्वास में नहीं रखते।
