हनुमानगढ़। श्री नीम करौली सेवा समिति की ओर से आयोजित तीसरी धर्मयात्रा का शुभारंभ शुक्रवार रात्रि को जंक्शन में सेंट्रल जेल के सामने से बाबा श्याम के जयकारों के साथ किया गया। जैसे ही यात्रा का काफिला रवाना हुआ, बाबा श्याम के जयकारे गूंज उठे। धर्मशाला में युवाओं के साथ बुजुर्ग शामिल हैं। समिति अध्यक्ष नैना जिंदल के अनुसार श्री नीम करौली सेवा समिति की ओर से हर माह श्रद्धालुओं के लिए धर्मयात्रा का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में समिति की यह तीसरी धर्मयात्रा है, जो राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों पुष्कर, सांवरिया सेठ एवं चित्तौड़गढ़ के पावन तीर्थांे का भ्रमण करेगी। धर्मयात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़कर आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना और धार्मिक स्थलों की महत्ता से अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व समिति की पहली धर्मयात्रा चिंतपूर्णी देवी और दूसरी धर्मयात्रा खाटू श्यामजी एवं सालासर धाम गई थी। इन यात्राओं से समिति को लगातार सकारात्मक ऊर्जा और समाज का सहयोग मिलता रहा है, जिससे समिति भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर करती रहेगी। उन्होंने बताया कि तीसरी धर्मयात्रा में इस बार युवाओं और बुजुर्गांे की संख्या सबसे अधिक रही, जो यह दर्शाता है कि धर्म और आस्था सभी आयु वर्ग के लोगों को समान रूप से जोड़ती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समिति की ओर से की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से यात्रा कर सकें। यह धर्मयात्रा 12 जनवरी की रात्रि को पुन: हनुमानगढ़ लौटकर सम्पन्न होगी। इस मौके पर समिति उपाध्यक्ष धीरज बंसल, कोषाध्यक्ष विष्णु स्वामी, महासचिव रवि जिंदल, प्रचार मंत्री मनीष गर्ग, अनुज जिंदल, कैलाश गोदारा, सतीश कटारिया, राजकुमार, जतिन सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
