
हनुमानगढ़। आर्य समाज, टाउन की सम्पति को कब्जाने की नियत से रिसीवर नियुक्ति से पूर्व की स्थिति को बदलने एवं आर्य समाज की सम्पति को चोरी कर खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाते हुए आर्य समाज के प्रतिनिधियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। आर्य समाज प्रधान सुरेन्द्र बेनीवाल के अनुसार आर्य समाज, टाउन का भवन लगभग 70 वर्षांे से पुरानी नगर पालिका के पास, टाउन में स्थित है। आर्य समाज/आर्य समाज मन्दिर विवाद के चलते एसडीएम के आदेश के जरिए टाउन पुलिस थाना प्रभारी थाना को उक्त भवन का रिसीवर नियुक्त किया गया। नौ दिसम्बर को एसडीएम के आदेश पर उक्त भवन को रिसीवर मुक्त किया गया। भवन की चाबी आर्य समाज की दुकान के किराएदार ग्रोवर इलेक्ट्रॉनिक्स में आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले विरेन्द्र कुमार सोनी उर्फ विरेन सोनी जो कोर्ट से जमानत पर चल रहा है, को सौंपी गई। चाबी सौंपने के बाद 14 दिसम्बर को आर्य समाज के मुख्य भवन का फ्लेक्स जो रिसीवर नियुक्ति के समय लगा हुआ था उसको हटा कर उसके स्थान पर आर्य समाज मन्दिर का फ्लेक्स लगा दिया गया तथा भवन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। 16 दिसम्बर को आर्य समाज भवन में रखी हुई आर्य समाज की सम्पति जिसमें से 6 जंगले लोहे के, दो सिलिंग फैन, दो कुर्सी लोहे व 10 पुरानी लोहे की ऐंगल विरेन्द्र सोनी आर्य समाज भवन से चोरी कर ले गया। इस सम्बन्ध में टाउन पुलिस थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के लिए उसी दिन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते 22 दिसम्बर को आर्य समाज के भवन से लोहे के गेट, ऐंगल और सरिये चोरी कर खुर्द-बुर्द कर दिए गए। इस सम्बन्ध में भी पुन: टाउन पुलिस थाना में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। डीएसपी को भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुरेन्द्र बेनीवाल के अनुसार उक्त सम्पति आर्य समाज संस्था की सम्पति है जो आर्य समाज भवन में सुरक्षित रखी हुई थी। चूंकि एसडीएम की ओर से आर्य समाज भवन को केवल रिसीवर मुक्त किया गया है। किसी प्रकार का कोई मालिकाना हक आर्य समाज/आर्य समाज मन्दिर किसी भी पक्ष को नहीं दिया गया है। अभी भी प्रकरण एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी अधिकारिता के विरेन्द्र सोनी की ओर से आर्य समाज संस्था की सम्पति को चुरा कर खुर्द-बुर्द कर दिया गया है तथा भविष्य में भी अन्य सम्पति को भी खुर्द-बुर्द किया जा सकता है। विरेन्द्र सोनी के इस गैर कानूनी कृत्य के बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने से आर्य समाज से जुड़े लोगों में न केवल आक्रोश है बल्कि अपराध का बढ़ावा देने वाला कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकरण में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आर्य समाज से जुड़े हुए लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आर्य समाज के मुख्य द्वार का फ्लेक्स बोर्ड जो रिसीवर नियुक्ति से पूर्व की स्थिति में था, के अनुरूप स्थापित करवाया जाए। विरेन्द्र सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। संस्था आर्य समाज की उक्त सम्पति को बरामद कर आर्य समाज को सौंपी जाए। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, लाभचंद, प्रेम सिंह शेखावत, जगदीश कुमार, जगवंत सिंह, सतपाल, पुरुषोत्तम, भीमसेन, बलवंत सिंह, बंशीलाल, गुरबख्श सिंह, धर्मंेद्र सिंधी, शीशपाल, मदनलाल, रामस्वरूप, चानणराम, सुशील कुमार, महेंद्र सिंह, श्योपत राम मौजूद थे।

