हनुमानगढ़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल रही। इसके चलते हनुमानगढ़ जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक बंद रहने से आम खाताधारकों, व्यापारियों, किसानों और पेंशनभोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का मुख्य कारण बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव डे वीक) की मांग रहा। बैंककर्मियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव को देखते हुए अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए। सुबह करीब 10 बजे जंक्शन में टाउन रोड स्थित पीएनबी मंडल कार्यालय के मुख्य गेट पर जिलेभर के बैंक कर्मचारी एकत्रित हुए।

कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार और वित्त मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ‘आज बैंक में उल्लू बोलेंगेÓ और ‘हमारी मांग फाइव डे वीकÓ जैसे नारों से क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा। हड़ताल के दौरान यूएफबीयू के नेतृत्व में शहर में रैली भी निकाली गई। रैली पीएनबी मंडल कार्यालय से शुरू होकर बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक, रेलवे स्टेशन होते हुए पुन: पीएनबी मंडल कार्यालय, हनुमानगढ़ जंक्शन पर आकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से बैंककर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

बैंककर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केन्द्र सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की, ताकि बैंकिंग व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो सके। इस विरोध-प्रदर्शन में पीएनबीईयू राजस्थान के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी एवं आरपीबीईयू के रीजनल सेक्रेटरी प्रदीप गोयल, एसबीआईएसए के रीजनल सेक्रेटरी जगप्रीत धींगड़ा, मनीष सेवटा, एनसीबीई के रीजनल सेक्रेटरी डूंगरराम भाटी, प्रदीप जोशी, अंकित डोडा, गौरव चिलाना, करणवीर बराड़, संदीप भाखर, अधिकारी यूनियन से नवीन धायल, अभिषेक शाह, सुनील स्वामी, बैंक ऑफ बड़ौदा से राजेश मुंजाल, पीएनबी से अश्विनी अरोड़ा, उमाशंकर गोयल, सुधीर निवाद, दिलीप सिंह, डिंपल अरोड़ा, नीलम तथा पीएनबी ऑफिसर्स यूनियन के सेक्रेटरी दीपक चौधरी शामिल रहे।

करोड़ों का लेनदेन प्रभावित
हड़ताल के चलते जिले की एक भी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा नहीं खुली। इससे बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। बैंकों में हड़ताल के कारण करोड़ों रुपए के लेनदेन प्रभावित हुए। चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी, ड्राफ्ट, आरटीजीएस और एनईएफटी जैसी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। कई उपभोक्ता बंद शटर देखकर निराश लौटते नजर आए।
