हनुमानगढ़। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 16 मार्च से 22 मार्च तक अनाज मंडी में आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के प्रचार-प्रसार हेतु निकाली जा रही श्रृंखला में हनुमान मंदिर, सुरेशिया से तीसरी संध्या फेरी का भव्य आयोजन किया गया।संध्या फेरी का शुभारंभ प्रभु पूजन एवं नारियल फोड़कर किया गया। इसके उपरांत संस्थान की साध्वी बहनों ने अपनी मधुर वाणी में श्री कृष्ण के भजनों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण को कृष्णमय कर दिया। मधुर धुनों पर थिरकते श्रद्धालुओं ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। यह फेरी विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर परिसर पहुँची।


इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं संचालक परम श्रद्धेय आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी सुखदेवानंद ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा: आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के बीच भी अशांत है क्योंकि वह अपने मूल (ईश्वर) से कटा हुआ है। सत्संग वह दर्पण है जो हमें हमारे वास्तविक स्वरूप का बोध कराता है। जिस प्रकार भोजन शरीर की भूख मिटाता है, उसी प्रकार सत्संग आत्मा की भूख को तृप्त कर मानसिक शांति प्रदान करता है।

भागवत कथा केवल प्राचीन इतिहास नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का वह सूत्र है जो हमें विकारों से मुक्त कर आनंद की ओर ले जाता है। “स्वामी जी ने विशेष रूप से आह्वान किया कि स्थानीय निवासी अपने व्यस्ततम जीवन से कुछ पल निकालें और अनाज मंडी में साध्वी भाग्य श्री भारती द्वारा सुनाई जाने वाली कथा का लाभ उठाएं।कार्यक्रम का विधिवत समापन भगवान श्री कृष्ण की पावन आरती और विश्व शांति की प्रार्थना के साथ किया गया। उपस्थित भक्तों में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने कथा में सपरिवार सम्मिलित होने का संकल्प लिया। इस उपलक्ष्य पर मंदिर के पुजारी जी व अन्य सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे
