हनुमानगढ़। जंक्शन में सूरतगढ़ रोड स्थित केजीएस सिटी में एक आवासीय मकान में कथित घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण जान-माल का नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। इस मकान में निवास करने वाले बुजुर्ग दंपती का कहना है कि मकान की दीवारों में गहरी दरारें आने के साथ ही अब छत से पीओपी के बड़े-बड़े टुकड़े गिरने लगे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। इस संबंध में सुमित्रा देवी ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कॉलोनाइजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। सुमित्रा देवी ने बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पूर्व केजीएस सिटी कॉलोनी में मकान संख्या 44 कॉलोनाइजर से खरीदा था। मकान का आवासीय पट्टा उनके नाम से बना हुआ है। सुमित्रा देवी ने आरोप लगाया कि मकान निर्माण में अत्यंत घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते कुछ ही समय में दीवारों में दरारें आ गईं। हालात तब और बिगड़ गए जब कॉलोनाइजर की ओर से पास के प्लॉट में पानी छोड़ दिया गया, जिससे मकान की 45 फीट लम्बी दीवार में गहरी दरारें पड़ गईं। सुमित्रा देवी के अनुसार जब उन्होंने और उनके पति रामचंद्र शर्मा ने कॉलोनाइजर से शिकायत की तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और मकान पर कब्जा करने व पट्टा निरस्त करवाने की धमकी दी गई। सुमित्रा देवी के अनुसार उनके पति शुगर व हार्ट के मरीज हैं और घटना के बाद उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। सुमित्रा देवी के अनुसार डीएसपी कार्यालय में समझौते के बाद कॉलोनाइजर ने मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल आधा-अधूरा काम कर बाकी कार्य से मुकर गया। दरारें भरने के बाद भी कुछ ही दिनों में वे दोबारा उभर आईं और अब छत से पीओपी के टुकड़े गिरने लगे हैं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। सुमित्रा देवी ने आरोप लगाया कि लाखों रुपए चुकाने के बावजूद उन्हें घटिया गुणवत्ता का मकान दिया गया और अब नुकसान की भरपाई भी नहीं की जा रही। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मकान में हुए नुकसान की भरपाई करवाई जाए तथा कॉलोनाइजर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसा अन्याय न हो।
