हनुमानगढ़। डबलीबास मौलवी ग्राम पंचायत क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से बंद पड़े मनरेगा कार्य को पुन: शुरू कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने सोमवार को पंचायत घर डबलीबास मौलवी पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया तो चक्काजाम किया जाएगा। सर्दी और घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर सुबह से ही सभा स्थल पर पहुंच गए और करीब चार घंटे तक डटे रहे। इनमें महिला श्रमिकों की संख्या अधिक रही।

प्रदर्शन की सूचना पर पंचायत समिति पीलीबंगा के विकास अधिकारी विकास रेगर, नायब तहसीलदार रणवीर फुले एवं सदर थाना से राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और मजदूर प्रतिनिधियों से वार्ता की। वार्ता के दौरान विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि डबलीबास मौलवी के सभी काम मांगने वाले मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा तथा यह कार्य 15 मार्च तक लगातार चलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम मजदूरी में यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर किया जाएगा। सभा में यह मुद्दा भी उठाया गया कि एलडीसी राजेंद्र कुमार की ओर से मजदूरों से भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

इस पर विकास अधिकारी ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि दोष सिद्ध हुआ तो संबंधित कर्मचारी को हटाया जाएगा। इसके बाद मौके पर ही मजदूरों के 6 नम्बर फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करवाई गई और यह घोषणा की गई कि 9 जनवरी से सभी पंजीकृत मजदूरों को काम मिलना शुरू हो जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया गया। इससे पूर्व आयोजित सभा को संबोधित करते हुए रामेश्वर वर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है। इसके कारण मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा। सरकार 125 दिन काम देने की बात करती है, जबकि यहां 100 दिन भी पूरे नहीं हो पा रहे। रघुवीर वर्मा ने कहा कि चार महीने तक मनरेगा का काम बंद रहना प्रशासन और सरकार की मजदूर विरोधी सोच को उजागर करता है।

सरकार मनरेगा का नाम बदलकर और बजट घटाकर इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। मनीराम मेघवाल ने बताया कि पूरी पंचायत समिति क्षेत्र में आज 3000 से भी कम मजदूर काम पर लगे हैं, जबकि लगभग 30 हजार लोगों को काम मिलना चाहिए था। चन्द्रकला वर्मा ने कहा कि मनरेगा में सबसे अधिक महिलाएं काम करती हैं, लेकिन शोषण भी महिलाओं का ही सबसे ज्यादा हो रहा है। पूर्व उपप्रधान कमला मेघवाल ने कहा कि सरकार मनरेगा की गारंटी को समाप्त कर इसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मौके पर दिनेश, बग्गा सिंह, सुरजीत सिंह, मुख्तयार सिंह, मोहनलाल, गुरुदेव बावरी, सीमा, सोना बाई, कलावती देवी, दाखां देवी, पृथ्वी मेघवाल, लाल सिंह, सदीक मोहम्मद, अमरीक सिंह, हरिराम बांदड़ा, जरनैल सिंह, देसराज आदि मौजूद रहे।
