हनुमानगढ़। यूथ वीरांगनाओं ने मंगलवार को टाउन स्थित शिला माता मंदिर के पीछे सामाजिक समर्पण और सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए लोहड़ी का त्योहार जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के साथ मनाया। कार्यक्रम के तहत, शहर के विभिन्न इलाकों से जरूरतमंद परिवारों के 30-35 बच्चों को एकत्र किया गया। इन बच्चों को न केवल मिठाइयां बांटी गईं, बल्कि उन्हें ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े भी बांटे गए। यह सामान पाकर बच्चों व उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। यूथ वीरांगनाओं ने इन बच्चों के साथ समय बिताया, उनके साथ गाने गाए और लोहड़ी के पारंपरिक गीतों पर झूमते हुए त्योहार का आनंद लिया। कार्यक्रम में शामिल स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने यूथ वीरांगनाओं के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने इसे समाज के प्रति सच्ची सेवा बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास से समाज में सहयोग और समर्पण की भावना को बढ़ावा मिलता है। इस मौके पर यूथ वीरांगना संगीता ने कहा कि त्योहार का असली मतलब केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए। जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी लाकर त्योहार मनाना ही सच्ची खुशी है। उन्होंने बताया कि यूथ वीरांगनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गांे तक सहायता पहुंचाना है, ताकि वे भी त्योहारों की खुशियों का हिस्सा बन सकें। मीनाक्षी ने बताया कि संगठन समय-समय पर इस तरह की गतिविधियां आयोजित करता है। यदि हर कोई अपनी खुशी में जरूरतमंदों को भी शामिल करे, तो समाज में समरसता और भाईचारे का भाव मजबूत होगा। लोहड़ी का यह विशेष आयोजन न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए एक सुखद अनुभव था, बल्कि इसे देखने वालों के लिए भी एक प्रेरणा बन गया। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास ने दिखाया कि जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो छोटी पहलें भी बड़ी प्रेरणा बन सकती हैं। इस मौके पर भावना, ऐशना, मीनू, सरोज, कंचन सहित कई अन्य यूथ वीरांगनाएं मौजूद रहीं।
