हनुमानगढ़। जिला पीसीपीएनडीटीओ प्रकोष्ठ एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूती देते हुए राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को जंक्शन स्थित एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को समान अधिकार, उनके प्रति जागरूकता तथा समाज में उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, एसीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा, आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी, उद्योग विभाग की महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, राजकीय महाविद्यालय एवं एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की प्रिसीपल राज औलख, पीसीपीएनडीटी कार्डिनेटर संदीप कुमार, सुनील सैनी, स्वास्तिक हॉस्पीटल से डॉ. निरूपमा शर्मा, जोडिएक डायग्नोस्टिक सेंटर से डॉ. प्रियंका, कपिल कालड़ा, व्याख्याता नरेन्द्र कौशिक सहित राजकीय महाविद्यालय एवं एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के समस्त स्टॉफ एवं बच्चे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं डॉ. प्रियंका एवं डीएसपी मीनाक्षी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने की।




इस अवसर पर एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की छात्राओं सहित बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। समारोह में उन अभिभावकों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने एक या दो बेटियां होने के बाद परिवार नियोजन अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। बालिकाओं के प्रोत्साहन के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में छात्राओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश फूलों और रंगों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। अपने संबोधन में एडीएम उम्मेदीलाल मीना ने कहा कि छात्राओं की पेंटिंग्स स्वयं यह संदेश देती हैं कि बेटियों का संरक्षण, शिक्षण और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बेटी केवल एक परिवार नहीं, बल्कि अनेक परिवारों और रिश्तों का आधार होती है।

उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आना सुखद संकेत है, लेकिन इसके साथ हमारी जिम्मेदारियों का बोध भी आवश्यक है। भारत की गौरवशाली संस्कृति को आत्मसात करते हुए युवाओं को परिवार, समाज और देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। कार्यक्रम का संचालन प्रिंसिपल राज औलख ने किया। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने कहा कि लिंगानुपात का संतुलित होना एक स्वस्थ और समान समाज की पहचान है। बेटी और बेटा दोनों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलने चाहिए। लिंग भेदभाव से समाज की प्रगति रुक जाती है और असमानता बढ़ती है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान लिंगानुपात सुधारने में सहायक हैं। सकारात्मक सोच और सामाजिक जागरूकता से ही संतुलन संभव है। लिंगानुपात सही रहेगा, तभी भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनेगा। आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी ने किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किशोरावस्था शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण चरण होती है। इस दौरान संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित व्यायाम आवश्यक है।

मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। नशे और गलत आदतों से दूरी किशोरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। सही जानकारी और मार्गदर्शन से किशोर स्वस्थ निर्णय ले सकते हैं। स्वस्थ किशोर ही स्वस्थ समाज की नींव होते हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित पोस्टर प्रतियागिता प्रथम स्थान पर मोनू, द्वितीय स्थान पर शिक्षा एवं पूजा गोस्वमी, तृतीय स्थान पर नितेश मील एवं चौथे स्थान पर भावना पचार रही। इसी तरह, रंगोली प्रतियोगिता में कृष्णा कंवर, लवप्रीत, मोनिका सीता एवं रचना ने भव्य रंगोली की रचना की। पार्क में बनाई गई भव्य पेंटिंग बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में प्रियंका मील, अंकिता, टिव्कल, अंशु एवं डेकोरेशन में लविश प्रभाकर, सचिन सहारण, पंकज वर्मा, नितेश मील, राहुल नोखवाल, अभयराज सिंह जोधा, शिवम् फुनिया, कमल राजपूत, पंकज देवड़ा ने उल्लेखनीय योगदान दिया। डांस प्रतियोगिता में ईशा, हर्षिका, माया, मोनिका, जश्नदीप, अर्शदीप, टिवंकल, रेणुका, निधि, मुस्कान निकिता, पायल, प्रीत मैडम एवं ड्रामा में हर्षिका, तमन्ना, श्रुति, रोशन, खुशबू, अंशु ने भाग लिया। आरती ने एक मनमोहक गीत प्रस्तुत किया। सरस्वती वंदना में अनु, पुष्पा, प्रियंका, निकिता, आरती एवं हिमांशी, टिवंकल हर्षिका एवं मुस्कान ने एंकरिंग की। समस्त प्रतियोगिता किया एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवद्र्धन किया।
