ऐलनाबाद। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), सिरसा तथा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूआईटीडीसी के संयुक्त तत्वावधान में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर में किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस वर्ष सुरक्षित इंटरनेट दिवस की थीम स्मार्ट टेक, सुरक्षित विकल्प एआई का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग रही। कार्यक्रम का उद्देश्य इंटरनेट एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यशाला में सीडीएलयू के कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर एवं यूआईटीडीसी के निदेशक प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां जीवन को आसान बना रहा है, वहीं इंटरनेट के दुरुपयोग से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, सतर्कता और सही डिजिटल आदतें अपनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. विक्रम ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर सोच-समझकर जानकारी साझा करने, मजबूत पासवर्ड अपनाने और ओटीपी व बैंक संबंधी विवरण किसी के साथ साझा न करने का आह्वान किया। सिरसा के जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी रमेश शर्मा ने इस कार्यशाला की अध्यक्षता की और उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए।
