हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय के एक वर्षीय डिप्लोमा इन लीगल एंड फॉरेन्सिक साइंस पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को जंक्शन में पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागार का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आग्नेयास्त्रों की संरचना, कार्यप्रणाली एवं सुरक्षित उपयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। पुलिस अधीक्षक की अनुमति तथा रिजर्व पुलिस लाइन प्रभारी अनिल चौधरी के निर्देश में किए गए भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के आग्नेयास्त्रोंजैसे पिस्टल, राइफल, शॉटगन एवं अन्य बंदूकों की बनावट, प्रमुख भागों एवं कार्य करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। शस्त्रागार में एसआई गुलाब सिंह ने छात्र-छात्राओं को आग्नेयास्त्रों के मुख्य भागों जैसे बैरल, एक्शन, ट्रिगर, हैमर, मैगजीन, फायरिंग पिन, सेफ्टी पिन, स्टॉक/ग्रिप तथा गोला-बारूद की संरचना एवं उपयोग के बारे में सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने कारतूस को लोड करने, फायर करने तथा खाली कारतूस को बाहर निकालने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को आग्नेयास्त्रों की कार्यप्रणाली कारतूस लोडिंग, हैमर या स्ट्राइकर की भूमिका, ट्रिगर मैकेनिज्म, इग्निशन एवं प्रोपल्शन प्रक्रिया के बारे में भी अवगत कराया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सीताराम ने बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण डिप्लोमा पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे छात्र-छात्राओं को फॉरेन्सिक जांच में प्रयुक्त आग्नेयास्त्रों के तकनीकी व व्यावहारिक पक्षों को समझने में मदद मिली।
