
हनुमानगढ़। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला महासमिति जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी की अध्यक्षता में पटवार विश्रांति भवन में बैठक आयोजित कर 12 जनवरी की चेतावनी महारैली का पोस्टर विमोचन कर रणनीति बनाई गई। जिलामंत्री राम निवास ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महासंघ के मांगपत्र के समाधान पर सरकार की संवादहीनता और संवेदनहीनता के चलते महासंघ सात संकल्प को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हुआ है। अलग-अलग चरणों में पूरे दक्षिण प्रदेश में संघर्ष चेतना यात्रा निकाली गई। 14 दिसम्बर को जयपुर अधिवेशन में जयपुर कर्मचारियों की महारैली करने का निर्णय लिया गया। जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसके विरोध में पूरे प्रदेश का कर्मचारी जयपुर में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि महासंघ के सात संकल्पों को लेकर यह आंदोलन निर्णायक होगा। मांगों में पदोन्नति विसंगति दूर करना और 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान लागू करना, वेतन विसंगति दूर कर केन्द्र के समान वेतनमान स्वीकृत करवाना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की सुरक्षा सुनिश्चित करना, संविदा एवं मानदेय कर्मियों का नियमितीकरण, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करवाना तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाना, कर्मचारियों के मान-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने बताया कि चेतावनी महारैली में सभी विभागों के हनुमानगढ़ जिले के हजारों कर्मचारी हिस्सा लेकर कर्मचारी एकजुटता का परिचय देंगे। सोमवार से कार्यालयों में जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में ‘जयपुर चलो-जयपुर चलोÓ का आह्वान किया और गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर कर्मचारियों को लामबंद करने का संकल्प लिया। इस मौके पर जिला मंत्री रामनिवास, नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुगनराम सहारण, सांख्यिकी अधीनस्थ कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम कुमार, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत जिलाध्यक्ष जगनंदन सिंह, प्रांतीय नल मजदूर संघ इंटक जिलाध्यक्ष सज्जन बेनीवाल, आयुर्वेद नर्सेज एसोसिएशन ब्लॉक अध्यक्ष बघेल सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रांतीय सचिव रमेश कटोतिया सहित पटवार संघ, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, राजस्थान अधीनस्थ कंप्यूटर कर्मचारी संघ, वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
