हनुमानगढ़। टाउन की बरकत कॉलोनी, वार्ड 45 (किले के पास) में रहने वाले एक परिवार की दिव्यांग बच्ची की दर्दनाक स्थिति सामने आने के बाद समाजसेवी राजेश दादरी की टीम ने मानवीय पहल करते हुए बच्ची को राहत पहुंचाई। यह बच्ची पिछले 16-17 वर्षांे से घर के भीतर ही सीमित जीवन जीने को मजबूर थी। जन्म से ही दिव्यांग एवं मंदबुद्धि होने के कारण न तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाया और न ही प्रशासन तक उसकी स्थिति पहुंच सकी। राजेश दादरी ने बताया कि गुरुवार रात्रि करीब 10 बजे उन्हें सूचना मिली कि रामगोपाल की यह बच्ची वर्षां से घर में ही रह रही है तथा उसके पास न जन्म प्रमाण पत्र है, न आधार कार्ड और न ही दिव्यांग प्रमाण पत्र। साथ ही यह भी बताया गया कि बच्ची को तत्काल व्हीलचेयर की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही अगली सुबह राजेश दादरी अपनी टीम के साथ बच्ची के घर पहुंचे। वहां की स्थिति देखकर पूरी टीम भावुक हो गई। टीम की ओर से बच्ची की समुचित देखभाल की गई। उसे नहलाकर साफ-सुथरे नए कपड़े पहनाए गए तथा ट्राई-व्हील साइकिल (व्हीलचेयर), गर्म कंबल, कपड़े और खाने-पीने की खाद्य सामग्री भेंट की गई, ताकि बच्ची को दैनिक जीवन में कुछ राहत मिल सके। राजेश दादरी ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है, जिससे भविष्य में उसे राज्य व केंद्र सरकार की दिव्यांगजन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। राजेश दादरी ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है। सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई जरूरतमंद इनसे वंचित रह जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन बच्ची की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक दस्तावेज बनवाकर उसे सभी योजनाओं का लाभ दिलाने में पूरा सहयोग करेगा। इस मौके पर समाजसेवी महक गर्ग, जैकी गुप्ता, अरविंद शर्मा सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि बच्ची को उसका अधिकार, सम्मान और बेहतर जीवन दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
