हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की ओर से वितपोषित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि आईक्यूएसी डायरेक्टर डॉ. अवधेश शर्मा रहे। कार्यक्रम में श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि किसान पारंपरिक कृषि के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की ओर से स्वीकृत यह एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले के किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए वरदान साबित होगा। मुख्य अतिथि डॉ. अवधेश शर्मा ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर किसानों को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने, व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया समझाने तथा तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए खेती के साथ अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बनेंगे। प्रोजेक्ट इंचार्ज डॉ. मंगला राम बाजिया ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से पूर्व में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। यह सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर था, जिसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर एवं सीकर जिले के पांच किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह के दौरान सभी 25 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा मधुमक्खी पालन में उपयोगी किट वितरित की गई।
