
हनुमानगढ़। तहसील हनुमानगढ़ के चक 1, 2, 3 एसटीजी एवं चक 2 व 5 केएनजे की कृषि भूमि से प्रस्तावित साधुवाली-बनवाली रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों में रोष है। इस संबंध में किसानों की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन के जरिए किसानों ने डीएलसी दर के बजाय वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिलवाने की मांग राज्य सरकार से की। किसानों ने बताया कि संबंधित चक हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय से मात्र लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। ऐसे में इन चकों की कृषि भूमि अत्यंत कीमती है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत 30 लाख से 50 लाख रुपए प्रति बीघा तक है। इसके विपरीत प्रशासन की ओर से डीएलसी दर से मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है, जो किसानों के लिए नुकसानदायक है। इतनी कम दर पर भूमि अधिग्रहण होने से उनका आर्थिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। सुभाष मक्कासर ने बताया कि इन चकों की भूमि अत्यधिक उपजाऊ है और यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर पैदावार होती है। कई किसानों के पास केवल एक से दो बीघा कृषि भूमि ही है, जो पूरी तरह सड़क परियोजना में अधिग्रहित हो जाएगी। ऐसे किसानों के लिए यह मुआवजा किसी भी तरह से उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। इसके अलावा कई किसानों के खेतों में ट्यूबवेल कनेक्शन लगे हुए हैं, जिन पर लगभग 15 लाख रुपए तक का खर्च आता है। कुछ किसानों की ढाणियां भी सड़क के दायरे में आ रही हैं। इन ढाणियों के टूटने से किसान न केवल अपनी जमीन, बल्कि अपने घर से भी बेघर हो जाएंगे, जिससे उन्हें दोबारा आवास बनाने में लाखों रुपए का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि अधिग्रहण से पहले वास्तविक स्थिति को समझते हुए बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा तय किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों के साथ न्याय हो सके। ज्ञापन के जरिए चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर उग्रसेन सियाग, सुखचैन सिंह, जगतार सिंह, राजू गोदारा, रायसिंह, रविन सियाग, मक्खन सिंह, हनुमान सियाग, वीर सिंह, सतनाम सिंह, सुनील भाम्भू मौजूद थे।
