संगरिया। शहर की यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है और आबादी क्षेत्र में स्थित धर्मकांटा अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। साल 2021 से इस धर्मकांटे को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठ रही है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते हालात जस के तस बने हुए हैं।
सालों से लंबित है मांग
राजस्थान सरकार के पूर्व मनोनीत जिला यातायात सलाहकार समिति सदस्य अमरनाथ पेंटर ने बताया कि वे कई वर्षों से धर्मकांटे को हटाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराते रहे हैं। स्थानीय नागरिक भी 2021 से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

खरीद सीजन में हालात होते हैं बदतर
गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद के दौरान स्थिति और भी विकट हो जाती है। धर्मकांटे पर वजन कराने के लिए भारी वाहनों, बसों और ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर घंटों जाम लगा रहता है। आश्चर्यजनक रूप से इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी भी नजर नहीं आती।
संवेदनशील इलाके में बढ़ा दबाव
धर्मकांटा मुख्य गुरुद्वारे के सामने और नई धान मंडी के प्रवेश द्वार के पास स्थित है। इसी मार्ग पर वेयरहाउस, पोस्ट ऑफिस, बैंक और न्यायालय जाने का रास्ता भी है, जिससे यहां लगातार यातायात का दबाव बना रहता है। स्कूली वाहनों और ग्रामीणों की आवाजाही के चलते दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
अमरनाथ पेंटर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कृषि उपज मंडी समिति, पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस यातायात प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आमजन को राहत देने के लिए धर्मकांटे को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए और शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।
