गोलूवाला। मंडी गोलूवाला की प्रेम कॉटन फैक्ट्री का ताला गुरुवार को 8 दिन बाद आखिरकार खोल दिया गया। वर्तमान कार्यवाहक मंडी समिति सचिव सुरेन्द्र खोथ मय पुलिस जाब्ते के फैक्ट्री पहुंचे और सील हटवाई। गौरतलब है कि 8 मई 2026 की देर रात तत्कालीन मंडी समिति सचिव मनोज काजला ने इस फैक्ट्री को अचानक सीज कर दिया था। फैक्ट्री सीज होने के बाद से मंडी की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई थी और किसानों में भारी रोष था।जानकारी के अनुसार फैक्ट्री सील करने वाले तत्कालीन सचिव मनोज काजला दो दिन पहले ही स्वास्थ्य कारणों के चलते छुट्टी लेकर चले गए हैं। उनके छुट्टी पर जाने के बाद कार्यवाहक सचिव का कार्यभार सुरेन्द्र खोथ संभाल रहे हैं। गुरुवार को सुरेन्द्र खोथ ने ही पुलिस बल के साथ पहुंचकर फैक्ट्री की सील खुलवाई। फैक्ट्री के अंदर पिछले 8 दिनों से किसानों की गेहूं की ढेरियां तथा कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी थीं। सील लगने की वजह से किसान अपना अनाज नहीं निकाल पा रहे थे और उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही थी।इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब फैक्ट्री संचालक जुगल किशोर गोयल ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सीजर की कार्रवाई शुरू से ही अवैध थी और इसी के विरोध में हमने कल ही माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में सिविल रीट पिटिशन दायर की है। गोयल का कहना है कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है और सुनवाई होना शेष है, तो बिना कोर्ट के आदेश के फैक्ट्री खोलने का क्या औचित्य है। सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि 8 मई को जिस फैक्ट्री को खुद प्रशासन ने सीज किया, उसे 8 दिन बाद बिना न्यायालय के आदेश का इंतजार किए उसी प्रशासन ने क्यों खुलवा दिया। किसानों की फसल फंसने और कोर्ट केस के दबाव को इसकी वजह माना जा रहा है।फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर कार्यवाहक मंडी समिति सचिव सुरेन्द्र खोथ व सीएल वर्मा कमेटी में शामिल नैफेड अधिकारियों के साथ भौतिक सत्यापन की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।इस मौके पर सचिव सुरेन्द्र खोथ सहित हनुमानगढ़ सचिव सी एल वर्मा,कैशियर थमन बहादुर, सहायक कर्मचारी साधुराम डागला, कम्प्यूटर ऑपरेटर चमकौर सिंह व मोनू सहित एएसआई श्रीभगवान मय जाप्ते के मौजूद रहे।
संवाददाता- बलविन्द्र खरोलिया
