हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग में सोमवार को अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवधेश शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर तथा डीन एजुकेशन डॉ. विक्रम सिंह औलख मौजूद रहे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण ने की। इस मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति भी प्रदान करती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ज्ञान एवं संस्कारों के माध्यम से समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। गिरीश चावला ने छात्र-छात्राओं को जीवन में अनुशासन, मेहनत एवं समर्पण का महत्व बताते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. सत्यनारायण ने कहा कि विशेष शिक्षा का क्षेत्र सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का क्षेत्र है, जहां छात्र-छात्राओं की भूमिका समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सम्मान उपाधियों की घोषणा भी की गई। इसमें मिस्टर फेयरवेल का खिताब बीएड स्पेशल एजुकेशन एचआई के संजीव तथा मिस फेयरवेल का खिताब डीएड स्पेशल एजुकेशन आईडी की तनिषा ने प्राप्त किया। वहीं मिस्टर परफेक्ट के रूप में बीएड स्पेशल एजुकेशन एचआई के राजकुमार एवं मिस परफेक्ट के रूप में डीएड स्पेशल एजुकेशन आईडी की ईशिका को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण पुनर्वास मनोविज्ञान का परिचय पुस्तक का विमोचन रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण की ओर से लिखित इस पुस्तक का विमोचन अतिथियों ने किया। अतिथियों ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास मनोविज्ञान के क्षेत्र में उपयोगी योगदान बताया। इस मौके पर विशेष विद्यालय के प्राचार्य पुरुषोत्तम सोलंकी, स्टाफ सदस्य डॉ. दीपिका द्विवेदी, ज्योति मिश्रा, प्रदीप चौहान, मनीष कुमार, अनमोल शर्मा, विकास कुमार एवं संदीप कुमार मौजूद रहे। मंच संचालन विभाग की छात्राओं प्राची एवं रजनी ने किया। छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
