हनुमानगढ़। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का सबसे ज्यादा असर आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले छोटे बच्चों पर दिखाई देने लगा है। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित होने के बावजूद आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित होने से नौनिहालों को तेज गर्मी के बीच केन्द्रों तक पहुंचना पड़ रहा है। कई केन्द्रों पर न तो ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही पंखों की, जिससे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस दौर में छोटे बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में आंगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठने लगे हैं। जंक्शन क्षेत्र के वार्ड 55 स्थित सुरेशिया के राजकीय विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र की सहायिका फूलांदेवी ने बताया कि स्कूलों की छुट्टियां हो चुकी हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन जारी है। ऐसे में बच्चों को केन्द्र तक लाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है, हालांकि तेज गर्मी के कारण अधिकांश अभिभावक बच्चों को भेजने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब बच्चों को लेने घरों में जाते हैं तो अभिभावक अधिक गर्मी का हवाला देकर बच्चों को भेजने से मना कर देते हैं। कई बच्चों को दस्त की शिकायत भी सामने आ रही है। वहीं धूप तेज होने पर कई अभिभावक अपने बच्चों को समय से पहले ही केन्द्र से वापस घर ले जाते हैं। फूलांदेवी के अनुसार केन्द्र पर कुल 13 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन बुधवार को केवल तीन बच्चे ही पहुंचे, जबकि मंगलवार को सात बच्चों की उपस्थिति रही। उन्होंने बताया कि केन्द्र का कमरा बड़ा होने के कारण एक पंखे की हवा पूरे कमरे में नहीं पहुंच पाती, जिससे बच्चों को बाहर बरामदे में बैठाना पड़ता है। वहीं ठंडे पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इधर सीडीपीओ सुनीता शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देशानुसार गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों का समय बदलकर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को केन्द्रों पर ठंडे पानी और पंखों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने माना कि वर्तमान में गर्मी काफी अधिक है और इसी कारण अभिभावक बच्चों को केन्द्र भेजने से कतरा रहे हैं। साथ ही स्कूलों की छुट्टियां भी चल रही हैं। ऐसे में उच्चाधिकारियों से स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी अवकाश घोषित करने का आग्रह किया जाएगा।
