हनुमानगढ़। शहरी क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए संचालित किए जाने वाले एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को लेकर एनिमल वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट व गोसेवकों ने बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार टेंडर प्रक्रिया लागू करने की मांग की है। ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने बताया कि हनुमानगढ़ शहर में कुत्तों की आबादी नियंत्रण के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पशु कल्याण बोर्ड और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि कार्यक्रम प्रभावी और मानवीय तरीके से संचालित हो सके। ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि ऑपरेशन थिएटर साफ-सुथरे, वातानुकूलित तथा मानकों के अनुरूप हों ताकि बीमारियों का प्रसार रोका जा सके। वहीं नसबंदी के बाद रिकवरी के लिए अलग-अलग वार्ड, कूलर, पंखे, शामियाने तथा भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऑपरेशन करने वाले पशु चिकित्सक भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) अथवा राज्य परिषद में पंजीकृत होने चाहिएं तथा कुत्तों को एंटी रेबीज टीकाकरण और अन्य आवश्यक दवाइयां भी दी जानी चाहिएं। पहचान के लिए सर्जरी के दौरान कुत्तों के बाएं कान के ऊपरी हिस्से को यू अथवा वी आकार में चिन्हित किया जाए। साथ ही नर कुत्तों को कम से कम 5 दिन तथा मादा कुत्तों को 7 दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने की व्यवस्था हो। ट्रस्ट ने सुरक्षित तरीके से कुत्तों को पकड़ने, उपचार के बाद उन्हें मूल स्थान पर छोड़ने तथा पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने की भी मांग रखी। इसके अलावा मांग की गई कि टेंडर केवल उन्हीं एजेंसियों को दिए जाएं जिन्हें एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त हो और जिनके पास बड़ी संख्या में स्ट्रीट डॉग सर्जरी का अनुभव हो। ट्रस्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस विषय पर सेमिनार आयोजित करने की भी मांग की, ताकि कार्यक्रम के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। इस मौके पर ज्योति शर्मा, नीलकंवर, लक्ष्मी, अम्बाली गोदारा, विजय जांगिड़ और संदीप मूंड मौजूद रहे।
