– गलत जनआधार संख्या के कारण मुआवजा राशि पहुंची थी खाते में, चार साल बाद चौधरी परिवार की पहल से पीड़ित महिला को सौंपी गई राशि
हनुमानगढ़। जोधपुर जिले के भूंगरा गैस त्रासदी पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि लौटाकर हनुमानगढ़ जिले के माणक टिब्बी गांव के एक युवक और उसके परिवार ने ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश की है। सोमवार को पीड़ित महिला को 16 लाख रुपये का चेक सौंपा गया, जो उसके खाते में जमा कराया जाएगा। श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स के संस्थापक माधोसिंह ने बताया कि 8 दिसंबर 2022 को जोधपुर जिले के शेरगढ़ उपखंड के भूंगरा गांव में राजस्थान की सबसे बड़ी गैस त्रासदियों में से एक घटना हुई थी। इस हादसे में एक पीड़ित महिला की दो नाबालिग बेटियों की मौत हो गई थी, जबकि इससे पहले कोरोना काल में उसके पति का भी निधन हो चुका था। उन्होंने बताया कि गैस त्रासदी के बाद सरकार की ओर से दी गई 18 लाख 16 हजार रुपये की मुआवजा राशि जनआधार संख्या में हुई त्रुटि के कारण हनुमानगढ़ जिले के माणक टिब्बी गांव निवासी दिनेश चौधरी के बैंक खाते में पहुंच गई थी। पीड़ित परिवार को जब लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिला तो स्थानीय लोगों और श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स ने इस मामले को उठाया। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रियों तक लगातार गुहार लगाई गई तथा धरना-प्रदर्शन भी किए गए। माधोसिंह ने बताया कि लगातार प्रयासों के बाद टीम माणक टिब्बी गांव पहुंची, जहां जानकारी मिली कि दिनेश द्वारा प्राप्त राशि में से 2 लाख 16 हजार रुपये धार्मिक स्थल के निर्माण कार्य में खर्च कर दिए गए थे। इसके बाद गांव के चौधरी परिवार और समाज के वरिष्ठ लोगों की मध्यस्थता से शेष 16 लाख रुपये की राशि पीड़ित महिला को चेक के माध्यम से सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग छोटी-छोटी रकम लौटाने से भी कतराते हैं, लेकिन दिनेश और उसके परिवार ने ईमानदारी का परिचय देते हुए एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह कदम न केवल मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करने वाला है। माधोसिंह ने चौधरी परिवार और माणक टिब्बी गांव के वरिष्ठजनों की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस कार्य ने मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और ईमानदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है तथा समाज का गौरव बढ़ाया है।
