हनुमानगढ़। महात्मा ज्योतिबा फुले जागृत मंच की ओर से शनिवार को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। प्रदेश महामंत्री हरीराम सैनी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने सावित्री बाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। प्रदेश महामंत्री हरीराम सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्री बाई फुले ने उस दौर में महिलाओं और वंचित वर्गांे की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में शिक्षा को लेकर अनेक कुरीतियां और भेदभाव मौजूद थे। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम बताया। सावित्री बाई फुले का जीवन नारी सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक न्याय की मिसाल है। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा दें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार में भी अपनाएं।

