हनुमानगढ़। राजस्थान पटवार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर के नाम प्रभारी सचिव को ज्ञापन सौंपकर पटवारियों की लंबित मांगों एवं समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष अमर सिंह दहिया ने बताया कि राजस्व विभाग के कार्मिकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार पत्राचार एवं ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। संघ ने मांग की कि विगत वर्षांे में पटवारियों एवं सर्वेयरों की ओर से किए गए डीसीएस गिरदावरी कार्य का लंबित भुगतान शीघ्र कराया जाए। आगामी खरीफ 2083 की गिरदावरी का भुगतान सीधे डीडीओ के माध्यम से पटवारी एवं सर्वेयर के खातों में किया जाए। ज्ञापन में ई-धरती एवं अपना खाता पोर्टल के पिछले लगभग दो माह से सुचारू रूप से संचालित नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ के अनुसार पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण नामांतरण, सीमा ज्ञान, नकल तथा दस्तावेज पंजीकरण जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और राजस्व कार्मिकों को लोगों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। पटवार संघ ने रहन एवं रहनमुक्त नामांतरण प्रक्रिया में प्रस्तावित संशोधन को वापस लेकर पूर्व व्यवस्था को यथावत रखने की मांग की। साथ ही सीमा ज्ञान के ऑनलाइन आवेदनों में बढ़ती अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए आवेदन से पहले संबंधित खसरे की तथ्यात्मक रिपोर्ट पटवारी से लेना अनिवार्य करने का सुझाव दिया। इसके अलावा प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक पटवार मंडल का सृजन करने की मांग भी रखी गई, ताकि किसानों को राजस्व संबंधी कार्यांे के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और पटवार सेवाएं अधिक सुलभ हो सकें। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अमर सिंह दहिया ने कहा कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पटवार संघ आंदोलन की रणनीति बनाने को बाध्य होगा।
