– परिजनों ने घायल को घंटों चौकी में बैठाए रखने का लगाया आरोप
हनुमानगढ़। गोलूवाला थाना क्षेत्र के सिंहपुरा स्थित पैरी ईंट भट्ठे पर हुए विवाद में घायल एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर गोलूवाला थाना पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ हत्या, एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी मीनाक्षी मौके पर पहुंचीं और थाना प्रभारी तेजवंत सिंह से घटना की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई बृजेन्द्र पुत्र ज्ञान सिंह निवासी दासीपुर, इटावा (उत्तर प्रदेश) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उसने बताया कि वह सिंहपुरा स्थित कुलड़िया पारस ईंट भट्ठे पर परिवार सहित मजदूरी करता है, जबकि उसका बड़ा भाई नरेन्द्र सिंह पास के पैरी ईंट भट्ठे पर कार्यरत था। नरेन्द्र की पत्नी का निधन हो चुका है और उसकी तीन बेटियां हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 25 जून की रात नरेन्द्र की विवाहित बेटी मधु, उसी भट्ठे पर कार्यरत राकेश पुत्र ओमप्रकाश मेघवाल निवासी गोविंदगढ़ (अबोहर) के पारिवारिक क्वार्टर में चली गई। आरोप है कि इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी गई। अगले दिन सुबह मधु को वापस लाने के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया। परिवादी के अनुसार, सुबह करीब 10.40 बजे राकेश, जसवीर सिंह, अशोक कुमार, मोहनलाल, अजय कुमार, कालूराम, निकाराम सहित अन्य लोगों ने नरेन्द्र और उसके परिवार पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में नरेन्द्र के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे भट्ठे के जमादार रामसिंह पुत्र मन्नीलाल के पैर में भी चोट लगी। रिपोर्ट में बताया गया कि घटना के बाद स्थानीय चिकित्सक से नरेन्द्र का उपचार कराया गया। शाम करीब चार बजे वह मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहा था। इसी दौरान कैंचियां पेट्रोल पंप के पास सिर की चोट के कारण वह गिर पड़ा। उसे 108 एम्बुलेंस से गोलूवाला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बृजेन्द्र की रिपोर्ट पर राकेश सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सीओ वृत हनुमानगढ़ मीनाक्षी को सौंपी गई है। सीओ सिटी मीनाक्षी ने बताया कि मामले में आठ लोगों को डिटेन किया गया है तथा मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
चौकी पुलिस पर लगाए आरोप
शनिवार सुबह मृतक नरेन्द्र के परिजन बड़ी संख्या में गोलूवाला के अस्पताल पहुंचे और कैंचियां चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल नरेन्द्र को उपचार के बजाय तीन से चार घंटे तक चौकी में बैठाए रखा गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि कैंचियां चौकी प्रभारी एसआई लाल बहादुर चन्द्र ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि नरेन्द्र स्वयं चलकर चौकी आया था और बाद में अपनी बेटी को लेकर चला गया। चौकी प्रभारी के अनुसार, उन्होंने उपचार कराने की सलाह भी दी थी, लेकिन नरेन्द्र ने बताया कि वह पहले ही इलाज करवा चुका है और इसके बाद वहां से चला गया था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
