हनुमानगढ़। गांव गाहड़ू स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तक जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले करीब एक वर्ष से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। रास्ते पर गंदा पानी जमा रहने के कारण छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आगामी मानसून और 5 जुलाई को होने वाली एलडीसी भर्ती परीक्षा को देखते हुए ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बनी नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर विद्यालय जाने वाले मार्ग पर जमा हो जाता है। पानी की निकासी नहीं होने तथा सड़क का स्तर नीचा होने के कारण रास्ते पर लंबे समय तक जलभराव बना रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों को या तो गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है या फिर खेतों से बनाए गए अस्थायी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीण अनवर खान ने बताया कि उसके मकान के आगे करीब सात-सात महीने तक पानी भरा रहता है, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सड़क का लेवल ऊंचा कर निर्माण कराया जाए तो जलभराव की समस्या खत्म हो सकती है। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों की भरमार रहती है और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व जिला प्रमुख कविता मेघवाल और ग्राम पंचायत प्रशासक का मकान भी इसी मार्ग पर है, लेकिन उनके मकान के आगे इंटरलॉकिंग लगी हुई है, जबकि विद्यालय की ओर जाने वाला हिस्सा बदहाल स्थिति में है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने बताया कि स्कूल जाने वाला मुख्य रास्ता पिछले करीब एक साल से जलभराव के कारण लगभग बंद पड़ा है। गांव का बदबूदार गंदा पानी नालियों से ओवरफ्लो होकर इसी मार्ग पर जमा होता है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मार्ग के पास जोहड़ भी स्थित है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और ग्राम पंचायत को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए किसान संतोख सिंह के खेत से अस्थायी रास्ता खुलवाया गया था, लेकिन अब उस खेत में धान की खेती होने के कारण वह रास्ता भी बंद होने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो विद्यार्थियों के सामने स्कूल पहुंचने का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय को विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं का परीक्षा केन्द्र बनाया जाता है। 28 जून को आयोजित वनपाल भर्ती परीक्षा में भी बाहर से आए परीक्षार्थियों को जलभराव के कारण काफी परेशानी हुई। अब 5 जुलाई को होने वाली एलडीसी भर्ती परीक्षा में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आने की संभावना है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा ग्राम पंचायत से मांग की है कि मानसून के दौरान स्थिति और बिगड़ने से पहले विद्यालय जाने वाले मार्ग का स्तर ऊंचा कर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं, स्टाफ और परीक्षार्थियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
