प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच सकता है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश की पालना में चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है। अदालत ने यह भी कहा था कि 20 जून तक परिसीमन और मतदाता सूचियों से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। इसके बावजूद राज्य चुनाव आयोग और सरकार ने अब तक चुनाव कराने की दिशा में कोई ठोस तैयारी शुरू नहीं की है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, आयोग सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज सचिव जोगाराम तथा स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में लोढ़ा ने कहा है कि चुनाव आयोग और राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो अदालत की अवमानना के दायरे में आता है। उन्होंने आयोग से 31 जुलाई की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए जल्द चुनाव कार्यक्रम जारी करने की मांग की है। लोढ़ा ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया तो वह राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 15 अप्रैल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर चुनाव स्थगित करने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने समय बढ़ाते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
