लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार, संविधान, आस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा और तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को अब अपना नाम बदलकर “भाचपा” यानी “भारतीय चीटिंग पार्टी” रख लेना चाहिए। बुधवार को अखिलेश यादव का जन्मदिन भी था। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में मीडियाकर्मियों से कहा कि आज उनके जन्मदिन के मौके पर कोई कड़वा सवाल न पूछा जाए। आस्था और मर्यादा के मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मर्यादा का पहला नाम प्रभु श्रीराम हैं और दूसरा नाम देश का संविधान है, लेकिन भाजपा इन दोनों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी गलत हो रहा है, उसे भगवान श्रीराम ही जनता के सामने ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रभु राम के सच्चे भक्त के रूप में सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी, जबकि भाजपा लगातार संविधान और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सांसदों के बल पर संविधान बदलना चाहती है, जिसे समाजवादी पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने कहा कि थानों, तहसीलों और अधिकारियों की तैनाती में क्या हो रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परेशान है और व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो सकता, तो कम से कम जनता की चांदी की जगह चांदी और सोने की जगह सोना तो वापस मिलना चाहिए। हाल ही में मस्जिद ढहाए जाने की घटना से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को किसी धर्म या उसकी संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है और उसके नेताओं के लिए धन ही सबसे बड़ा धर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी निर्णय एक पक्ष द्वारा तय नहीं किए जा सकते। गठबंधन और आगामी चुनावी रणनीति के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान राजनीति को आम लोग आसानी से समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने संकेतों में कहा कि “कांटे से कांटा निकलवा दिया गया है” और भाजपा ने राजनीतिक दलों की मोलभाव की क्षमता को कम कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें गिफ्ट भेजेगा, तभी वह रिटर्न गिफ्ट देंगे। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा को हराने के लिए दोगुनी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी जल्द ही प्रदेशभर में बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान शुरू करेगी। इसके तहत बूथ स्तर पर “पीडीए प्रहरी” डिजिटल माध्यमों के जरिए नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने अंजलि नाम की एक युवती को समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी दिलाई। अंजलि वही युवती हैं जिन्होंने हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक भंडारे में अखिलेश यादव को आमंत्रित किया था।
