– 221 से अधिक लोगों ने लिया स्वास्थ्य लाभवाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुआ सफल आयोजन
हनुमानगढ़ / पीलीबंगा। आमजन को आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा रोगमुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से रविवार को पीलीबंगा के वार्ड नंबर 11 स्थित रविदास मंदिर के पास आदर्श विद्या मंदिर स्कूल (नया भवन) में भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के सौजन्य तथा भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस शिविर में 221 से अधिक मरीजों एवं नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श तथा प्राकृतिक उपचार संबंधी सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का शुभारंभ श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष सुशील गुप्ता, हनुमान जैन, उपाध्यक्ष डॉ. बी.सी. सारस्वा, कोषाध्यक्ष लाल चंद बंसल, सेवा प्रमुख डॉ. रामचन्द्र, संस्कार प्रमुख राकेश सिंगला, विधि सलाहकार अधिवक्ता दीपक कमरा, सदस्य नन्दलाल शर्मा, रामस्वरूप लीला, अशोक खदरिया, राजेश गोयल, महेश गुप्ता, रामलदास मरेजा, पुरुषोत्तम गोयल, मांगीलाल विश्नोई सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काटकर किया।

शुभारंभ के साथ ही शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और दिनभर स्वास्थ्य सेवाओं का क्रम निरंतर चलता रहा। शिविर में वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राकेश एवं डॉ. मांगीलाल सुथार ने मरीजों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार संबंधी परामर्श प्रदान किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किडनी एवं लीवर संबंधी रोग, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ की हड्डी की समस्याएं, स्लिप डिस्क (एल-4 एवं एल-5), नसों के रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी तथा अन्य दीर्घकालिक एवं जीवनशैली जनित बीमारियों के संबंध में विस्तृत सलाह दी। मरीजों को दवाओं के साथ-साथ संतुलित आहार, योग, प्राणायाम, नियमित दिनचर्या एवं प्राकृतिक चिकित्सा अपनाने की भी प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक चिकित्सा प्रणाली है, जो केवल रोगों का उपचार ही नहीं बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य का संरक्षण करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित खान-पान, तनावपूर्ण जीवनशैली, फास्ट फूड की बढ़ती प्रवृत्ति तथा शारीरिक श्रम में कमी के कारण अनेक गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यदि व्यक्ति समय रहते अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाए, प्राकृतिक भोजन अपनाए और नियमित योग एवं आयुर्वेदिक दिनचर्या का पालन करे तो अनेक रोगों से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ पहुंचाया जाएगा। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा का सबसे श्रेष्ठ माध्यम स्वास्थ्य सेवा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क चिकित्सा शिविर न केवल लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी परिषद एवं वाग्भट वैलनेस मिलकर जनहित में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, बढ़ता मानसिक तनाव एवं शारीरिक निष्क्रियता आज अधिकांश बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुके हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ, संतुलित एवं रोगमुक्त जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को भी समझना चाहिए। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महर्षि वाग्भट के नाम पर संचालित वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि संस्था भारतीय चिकित्सा परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने समाज सेवा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में जुनेजा परिवार के योगदान को प्रेरणादायी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने का आह्वान किया। शिविर के सफल संचालन में प्रशासक जयवीर सिंह, शिविर प्रभारी अनिल जांदू, शिविर कार्यवाहक विकास भादू, डॉ. कुलवंत सिंह, डॉ. सुनील बिरट, अरविन्द धामु, ओमप्रकाश भाटी, सुनील मिश्रा, हरप्रीत कौर, औषधि विशेषज्ञ राजकुमार, विक्रम सिंह, कमलेश, आरती, रवि कुमार, वंदना, पिंकी, रेणुका, वसुंधरा, प्रियंका, पंकज, निकिता सहित नर्सिंग एवं आयुष पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों तथा वाग्भट टीम के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

स्वयंसेवकों ने मरीजों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, परामर्श, दवा वितरण एवं व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित कर शिविर को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने इस जनहितकारी पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है तथा लोग प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों को अपनाने के प्रति पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं।
