हनुमानगढ़। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए गांव कोहला के युवाओं ने सेवा और सहयोग की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में आयोजित राजस्थान सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए नि:शुल्क चाय-पानी, ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। गांव के युवाओं की टीम ने श्री ठाकुर जी महाराज मंदिर समिति के सहयोग से परीक्षा केन्द्र के बाहर स्थायी शेड तैयार करवाया है। शेड के नीचे गद्दे और कूलर लगाए गए हैं, ताकि परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से पहले आराम से बैठकर अपनी तैयारी कर सकें। यहां ठंडे पेयजल की व्यवस्था के साथ मेडिकल किट भी उपलब्ध रखी गई है। युवा अंकुश सहारण ने बताया कि गांव में जब भी किसी प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन होता है, तब परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए नि:शुल्क चाय-पानी व ठहरने की व्यवस्था की जाती है। यह सेवा पिछले करीब एक वर्ष से लगातार जारी है। हाल ही में बारिश के कारण होने वाली परेशानियों को देखते हुए मंदिर समिति के सहयोग से परीक्षा केन्द्र के बाहर स्थायी शेड का निर्माण कराया गया। उन्होंने बताया कि यदि कोई परीक्षार्थी समय पर अपने निर्धारित परीक्षा केन्द्र तक नहीं पहुंच पाता तो टीम के सदस्य अपने निजी वाहनों से उसे परीक्षा केन्द्र तक भी पहुंचाते हैं।

वहीं, भोजन की व्यवस्था के लिए गांव के साईं मंदिर की ओर से पिछले तीन दिनों से भंडारा लगाया जा रहा है, जहां परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके बैग, मोबाइल फोन और अन्य सामान सुरक्षित रखने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। सामान जमा कराने पर टोकन दिया जाता है और परीक्षा समाप्त होने के बाद सामान सुरक्षित लौटाया जाता है। यह पूरी व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क है। अंकुश सहारण ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले वह अपने मित्र महेश वर्मा के साथ स्कूल के सामने से गुजर रहे थे। उस समय उन्होंने देखा कि कई परीक्षार्थी और उनके अभिभावक स्कूल की दीवार पर बैठकर परीक्षा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। उसी दिन उन्होंने तय किया कि भविष्य में यहां आने वाले परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इसी संकल्प के साथ यह सेवा अभियान शुरू किया गया, जो आज लगातार जारी है। इस सेवा कार्य में अंकुश सहारण के अलावा महेश वर्मा, रघुवीर छिम्पा, इन्द्र कासनिया, मनीष, अनुराग वर्मा, पवन वर्मा, सोनू सिंह सहित गांव के कई युवा सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। उनकी यह पहल न केवल परीक्षार्थियों को राहत दे रही है, बल्कि समाज सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन गई है।
