हनुमानगढ़। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में शुक्रवार को टाउन स्थित एसएस जैन सभा भवन में ‘श्री उत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 25 स्टॉल्स लगाई गईं, जिन पर महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें हस्तनिर्मित कलात्मक वस्तुओं के साथ-साथ घर में तैयार की गई खाद्य सामग्री की स्टॉल्स भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहीं। आयोजन का उद्देश्य उन महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना था, जो अपनी प्रतिभा और उत्पादों को बड़े स्तर पर प्रदर्शित नहीं कर पाती हैं। इसके माध्यम से महिलाओं का उत्साहवर्धन करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने छोटे प्रयासों को बड़े उद्योगों का रूप देने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रो. सुमन चावला ने कहा कि जैन समाज का व्यापार जगत में विशिष्ट स्थान रहा है और समाज अनुशासन तथा संस्कारों के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि समाज की महिलाएं आत्मस्वावलंबन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही हैं। उनकी मेहनत, आत्मनिर्भर बनने की सोच और आगे बढ़ने की ललक प्रेरणादायी है। उन्होंने महिलाओं के इस प्रयास को सराहते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। तेरापंथ महिला मंडल टाउन अध्यक्ष संतोष बांठिया एवं मंत्री डॉ. दीपिका जैन ने बताया कि ‘श्री उत्सव’ अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल का राष्ट्रीय स्तर का विशेष अभियान है, जिसका आयोजन देशभर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाना और उनकी कला को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में सुविधानुसार किसी भी दिन इस आयोजन का आयोजन किया जा सकता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी उत्साह और व्यापक भागीदारी के साथ ‘श्री उत्सव’ का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं की रचनात्मकता, उद्यमशीलता और आत्मविश्वास की प्रेरक झलक देखने को मिली।
