– बिना सूचना पुराने मीटर हटाने का आरोप, उपभोक्ताओं ने दी चेतावनी-स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए तो जनता खुद करेगी कार्रवाई
हनुमानगढ़। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को टाउन के वार्ड नंबर 43 में कुछ घरों के बाहर उपभोक्ताओं को बिना पूर्व सूचना दिए पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर लोगों ने नाराजगी जताई। कुछ उपभोक्ता मौके पर एकत्रित हुए और स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया। वार्ड निवासी अमजद खान प्रधान ने आरोप लगाया कि शुरू से ही स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है, क्योंकि यह आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। इसके बावजूद लोगों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की गैरमौजूदगी में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड निवासी भरत कुमार ड्यूटी पर थे। उनकी अनुपस्थिति में कंपनी के प्रतिनिधियों ने घर के बाहर पोल पर स्मार्ट मीटर लगा दिया। अगले दिन उन्हें इसकी जानकारी मिली। इसी प्रकार सुनील के घर पर भी बिना किसी सूचना के मीटर बदल दिया गया।

दोनों उपभोक्ताओं के पुराने मीटर सही स्थिति में थे और उन्होंने मीटर बदलने के लिए कोई आवेदन भी नहीं किया था। अमजद खान ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रहते। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सूचना मिली कि कंपनी के प्रतिनिधि भारत माता चौक के पास स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। जब वे मौके पर पहुंचे तो प्रतिनिधि वहां से जा चुके थे। विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेने पर भी उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने मांग की कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होता तो विभाग पहले इसकी लिखित रिपोर्ट सार्वजनिक करे और उसके बाद ही मीटर लगाए जाएं। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। वहीं गिरीराज शर्मा ने दावा किया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनके बिजली बिलों में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर बदले जा रहे हैं और विभाग के पास भी इसका संतोषजनक जवाब नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर पुन: लगाने की मांग की। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध और तेज किया जाएगा तथा लोग स्वयं स्मार्ट मीटर हटाने को मजबूर होंगे।
