– ‘इंकलाब-जिंदाबाद’ व ‘किसान एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा परिसर, डिग्गी अनुदान, गेहूं भुगतान और खरीद घोटाले की जांच की मांग को लेकर किसान आयोग अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे किसान
हनुमानगढ़। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी के हनुमानगढ़ दौरे के दौरान गुरुवार को सर्किट हाउस में उनसे मिलने पहुंचे किसान वार्ता का बुलावा नहीं आने से आक्रोशित हो गए। इसके विरोध में किसानों ने सर्किट हाउस के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान परिसर ‘किसान एकता जिंदाबाद’ और ‘इंकलाब-जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। सर्किट हाउस परिसर में काफी देर तक तनातनी का माहौल बना रहा। किसानों ने नारेबाजी करते हुए सामूहिक संवाद की मांग उठाई। भारतीय किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों के बैनर तले किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर आयोग अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि वे किसान आयोग अध्यक्ष के समक्ष अटल भूजल योजनान्तर्गत निर्मित डिग्गियों की लंबित अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान, गेहूं खरीद धांधली में निर्दोष किसानों को राहत तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, धान की सरकारी खरीद शुरू करने और 15 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच मूंग की सरकारी खरीद प्रारंभ करने की मांग रखना चाहते हैं। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार प्रशासन ने बुधवार देर रात तक आश्वासन दिया था कि किसान आयोग अध्यक्ष के साथ उनकी वार्ता करवाई जाएगी। लेकिन गुरुवार सुबह सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि अध्यक्ष एक निजी संस्था में किसानों से संवाद करेंगे। इस पर किसान संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे किसी निजी संस्था में नहीं जाएंगे और सभी किसानों के साथ सर्किट हाउस या किसी सरकारी भवन में ही संवाद होना चाहिए। इधर, आयोग अध्यक्ष के सर्किट हाउस से किसानों से मिले बिना रवाना होने की सूचना मिलते ही किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। बाद में किसान आयोग अध्यक्ष की ओर से प्रतिनिधियों को श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी में संवाद के लिए आमंत्रित किया गया, लेकिन किसान नेता रेशम सिंह माणुका और सुभाष मक्कासर के नेतृत्व में प्रतिनिधि सभी किसानों के साथ सामूहिक वार्ता की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। एसडीएम मांगीलाल सुथार, डीएसपी मीनाक्षी सहारण तथा जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम और डीएसपी ने किसानों से लगातार समझाइश की। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। इसके बाद किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी, भाजपा नेता अमित चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू और भाजपा नेता देवेंद्र अग्रवाल के साथ किसानों के बीच पहुंचे। वहां आयोग अध्यक्ष ने किसानों की समस्याएं सुनीं और अपनी बात भी रखी।
भुगतान की प्रक्रिया को लेकर प्रयास जारी : चौधरी
किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस भी किसान से गेहूं खरीदा गया है, उसका भुगतान अवश्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र भेजा है कि 17 जिलों के 38 ब्लॉकों के किसानों की लगभग 215 करोड़ रुपए की डिग्गियों की अनुदान राशि बकाया है। राज्य सरकार की ओर से इसके भुगतान की प्रक्रिया को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। मूंग खरीद के संबंध में आयोग अध्यक्ष ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से एक अक्टूबर से सरकारी खरीद प्रस्तावित है। यदि हनुमानगढ़ जिले में मूंग की फसल समय से पहले मंडियों में आ जाती है तो 15 सितंबर से खरीद शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं धान की सरकारी खरीद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि किस्म (वैरायटी) को लेकर कोई विवाद नहीं है तो जिले में धान खरीद केन्द्र शुरू कराने में केन्द्र सरकार के स्तर पर कोई विशेष बाधा नहीं होनी चाहिए।
